Tatasons में नहीं चली नाेएल टाटा की मर्जी, चंद्रशेखरन को सेवा विस्तार
टाटा के विरोध के बाद भी टाटासंस में चंद्रशेखरन बने रहेंगे
टाटा संस बोर्ड की बैठक में नोएल टाटा ने सीधे चंद्रशेखरन का विरोध किया लेकिन उन्हें पांच साल का एक्सटेंशन मिल ही गया। दरअसल टाटासंस और टाटा ट्रस्ट्स के बीच की खींचतान को लेकर लंबे समय से इस बैठक की प्रतीक्षा की जा रही थी जिसमें कंपनी को सार्वजनिक (पब्लिक) करने और बाजार में लिस्ट कराने की मंजूरी के अलावा सबसे बड़ा मुद्दा चंद्रशेखरन का बने रहना या न रहना ही था। लिस्टिंग वाला मामला आरबीआई के विनियामक निर्देशों के तहत है जिसमें इसे शेयर बाजार में लिस्ट होना अनिवार्य किया गया था। काफी कोशिश की गई कि लिस्टिंग से बचने का कोई रास्ता निकल आए लेकिन आरबीआई के सख्त निर्देश के बाद लिस्टिंग वाला मुद्दा निपटाना तत्काल जरुरी था वहीं नटराजन चंद्रशेखरन के कार्यकाल पर बात होनी थी जो फरवरी 2017 से टाटा संस के चेयरमैन पद पर हैं, कंपनी में काफी गतिरोध देखकर चंद्रशेखरन ने कहा था कि वे अगला कार्यकाल नहीं लेंगे लेकिन अब नोएल टाटा के विरोध के बाद भी उन्हें 5 साल का सेवा विस्तार मिल गया है।
