Trump को मिला फ्री हैंड, सीनेट से प्रस्ताव पास हुआ तो भारत पर सौ फीसदी टैरिफ
ट्रंप का मानना है कि रुस को यदि यूक्रेन युद्ध पर रोकना है तो उसकी ऑइल इकॉनॉमी रोकनी होगी, इसी का असर भारत पर भी
अमेरिकी संसद ने ट्रंप के उस विचार को समर्थन दे दिया जिसमें रूस से तेल के चलते भारत पर भी सौ प्रतिशत का टैरिफ लगाना चाहते हैं। ट्रंप भारत और चीन जैसे रूस से तेल ले रहे उत्पादों पर आयात शुल्क लगाकर रुस से खरीद बंद कराना चाहते हैं। सांसद लिंडसे ओ ग्राहम के नाम पर इस प्रस्ताव का नाम रखते हुए इसे अमेरिकी सीनेट के सामने रखा गया जिसने इसे बहुमत से पारित कर दिया। ट्रंप का कहना है कि रूस को तेल बेचकर जो आर्थिक मदद मिल रही है, उसे रोका जाना चाहिए ताकि यूक्रेन युद्ध रोकने का दबाव बने। ईरान से तेल खरीद करने वाले देशों पर भी ऐसे ही टैरिफ का प्रस्ताव है ताकि ईरान की अर्थव्यवस्था चलना मुश्किल हो जाए। रूसी तेल के सबसे बड़े पांच खरीदारों में भारत शामिल है। अब ट्रंप झंडे बदलकर समुद्री रास्ते से तेल परिवहन करने वाले जहाजों पर भी पाबंदी लगाने की दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं। यह प्रस्ताव हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में पास होकर कानून बन जाता है तो भारतीय सामान अमेरिका में बेहद हो जाएंगे जिससे दवाओं, इंजीनियरिंग सामान, केमिकल्स, टेक्सटाइल्स और ऑटो पार्ट्स आदि पर बुरा असर पड़ सकता है हालांकि भारत ने इस बीच यूरोपीय देशों सहित कई जगहों पर अपने लिए नए बाजार खोज लिए हैं इसलिए यह तय कर पाना मुश्किल है कि यह भारतीय निर्यात में कितना नुकसान होगा। प्रस्ताव में एक शर्त यह भी है कि यदि कोई देश रूस से पंद्रह प्रतिशत से कम तेल आयात करता है या आयात निर्भरता कम दिखाने की कोशिश में है तो उसे अैरिफ में दूट मिल सकती है जबकि भारत के कच्चे तेल की हिस्सेदारी में रूस का प्रतिशत पचास प्रतिशत से भी ज्यादा है। वैसे इन प्रस्तावित टैरिफ पर यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स जैसे संगठन कह रहे हैं कि भारत का इनसे नुकसान हो या न हो लेकिन अमेरिका व्यापार और आम उपभाकक्ताओं के लिए यह जरुर बड़ा बोझ बन जाएगा।
