Mark Jukerberg तीन दिनों में माफी मांगें वरना सेफ हॉर्बर सुविधा खत्म
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को संसदीय स्थायी समिति की चेतावनी, कंटेंट संबंधी पॉलिसी पर भी किए सवाल
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जिस तरह से भारत विरोधी और भड़काने वाली पोस्ट को आगे बढ़ाते हैं उसकी हद तब हो गई जब मेटा ने प्रधानमंत्री की पोस्ट ही ब्लैकआउट कर डाली। हालांकि कुछ देर में इसे बहाल भी कर दिया गया लेकिन अब सरकार इनसे जवाब तलब कर रही है और रुख बेहद सख्त है। संसद की सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी स्थायी समिति ने मेटा को तीन दिनों के भीतर माफी मांगते हुए गलत कंटेंट को हटाने की भी चेतावनी दी है। कमेटी ने साफ कहा है कि सिर्फ माफी से कुछ नहीं होगा क्योंकि प्रधानमंत्री का वीडियो हटाना किसी मध्यस्थ की नहीं बल्कि पब्लिशर की जिम्मेदारी का मामला था। यदि जुकरबर्ग तीन दिन के अंदर कमेटी की बातें नहीं मानते हैं तो ऐसे प्लेटफॉर्म को मिल रही सेफ हार्बर सुविधा भी वापस ली जा सकती है। कमेटी के चीफ निशिकांत दुबे ने कहा इन प्लेटफॉर्म पर अभद्र भाषा, हिंसा और आपत्तिजनक कंटेंट से प्रभावित हर व्यक्ति जुकरबर्ग के खिलाफ एफआईआर कराए तो कितनी एफआईआर हो जाएंगी। यदि सेफ हॉर्बर सुविधा वापस ली गई तो सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स के जिम्मेदारों पर लोग सीधे आपराधिक मामले दर्ज करा सकेंगे। मेटा ने कहा कि पीएम का वीडियो गलती से हटा था लेकिन सांसदों का कहना है कि मामला इतना सीधा नहीं है। दुबे तो मेटा, एक्स और इंस्टा की भारत से कमाई के बदले दिए जा रहे टैक्स की भी जांच कराने की बात कह रहे हैं।
