September 23, 2026
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Falcon Rocket के टुकड़े की चांद से टक्कर नहीं देख सके वैज्ञानिक

आइंस्टीन क्रेटर के पास जब यह रॉकेट का हिस्सा चांद से टकराया तो कोई सेटेलाइट उस घटना को कैमरे में कैद नहीं कर सका

एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के रॉकेट फाल्कन-9 के एक हिस्से की चांद से टक्कर देखने के लिए पूरी दुनिया बेसब्री से इंतजार कर रही थी लेकिन जिस जगह सेटेलाइट के कैमरे लगाए गए थे उससे कहीं दूर हुई टक्कर ने वैज्ञानिकों के अरमानों पर पानी फेर दिया क्योंकि जिस जगह टक्कर हुई वहां कोई सेटेलाइट फोकस नहीं कर पाया। कई देश इसे लाइव देखने के लिए बैठे हुए थे लेकिन ऐसा कोई दृश्य वे देख नहीं पाए। अब दक्षिण कोरिया का एक लूनर ऑर्बिटर इस जगह के आसपास था तो अब उससे ही एक उम्मीद बची है कि उसने शायद टक्कर की तस्वीरें ली हों। हालांकि अब तो कई अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा का लूनर रिकॉनिसैन्स ऑर्बिटर टक्कर वाली जगह की हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें लेने के काम में जुट गया है लेकिन जिस टक्कर और उसके प्रभाव को लाइव देखने की उम्मीदें थीं वह धूमिल हो गईं। यह रॉकेट का चार हजार किलो वजनी टुकड़ा आठ हजार किलोमीटर से भी ज्यादा की गति से चांद की सतह से टकराया और इस टक्कर से उठे गुबार और इससे बने गड्‌ढे से चांद की बनावट और वहां मौजूद खनिजों को लेकर कई शोध होंगे लेकिन उस टक्कर की वह क्षणिक चमक और उसका भीषण प्रभाव देखने के लिए बैठे लोगों के हाथ निराशा लगी है। दरअसल सभी कैमरे आइंस्टीन क्रेटर पर ही फोकस कर दिए गए थे जबकि यह टक्कर उससे दूरी पर हो गई। इसी वजह से कोई भी सैटेलाइट इसे सीधे रिकॉर्ड करने की स्थिति में नहीं था। वैसे तो चांद से कई उल्कापिंड टकराते रहते हैं और उनके प्रभाव का भी आकलन होता है लेकिन यह मानव निर्मित रॉकेट होने और इसका वजन और दिशा वगैरह सभी सही सही पता होने के चलते यह माना जा रहा था कि इससे शोध में काफी मदद मिलेगी, ऐसे में दक्षिण कोरिश वाले ऑर्बिटर के हाथ भी फोटा न लगे हों तो यह वैज्ञानिकों के लिए बड़ा झटका होगा क्योंकि उन्हें जिस टक्कर के बारे में पहले से पता था उसे भी देखने का स्वर्णिम मौका वे चूक गए। यह रॉकेट जनवरी 2025 में छोड़ा गया था। काम पूरा करने के बाद पृथ्वी और चांद के बीच कक्षा में घूमता रहा, इतने समय में पृथ्वी, चांद और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण ने उसकी कक्षा बदल दी और वह चांद से जा टकराया।