April 17, 2026
देश दुनिया

Parliament Special Session परिसीमन और महिला आरक्षण पर चर्चा शुरु

तीन दिन के विशेष सत्र में तीन प्रस्तावित बिल संसदीय व्यवस्था में लाएंगे बड़े बदलाव और महिलाओं की भागीदारी

संसद का विशेष तीन दिवसीय सत्र आज से शुरु हुआ, यह सत्र इसलिए खास है क्योंकि इसमें व्यवस्था से जुड़े बड़े बदलावों की आहट है। संविधान के 131वां संशोधन विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक 2026 को संसद में पेश किया गया है। विशेष सत्र हंगामे के साथ शुरू हुआ क्योंकि विपक्ष को परिसीमन मामले में कुछ राज्यों के साथ ज्यादती होते महसूस हो रही है। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में परिसीमन और महिला आरक्षण बिल को पेश करने का प्रस्ताव रखा वहीं अमित शाह ने केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 पेश करने का प्रस्ताव रखा। विपक्ष की यूं तो तीनों पर ही अलग अलग आपत्तियां हैं लेकिन सबसे ज्यादा विरोध परिसीमन मुद्दे पर है। सरकार कह रही है कि चुनावी और प्रशासनिक व्यवस्था सुधारने के लिए परिसीमन जरुरी है जबकि विपक्ष का कहना है कि इसके चलते कुछ राज्यों को जमकर नुकसान होगा। अमित शाह ने विपक्ष के विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष केवल तकनीकी आपत्तियां ही उठा सकता है तो उप पर भी सरकार मजबूत जवाब देगी। परिसीमन के प्रस्तावित विधेयक से लोकसभा सीटें 850 तक हो सकती है और इसके लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाया जाएगा ताकि महिला आरक्षण 2029 के चुनावों में ही लागू हो सके।