Kalpakkam Reactor बिजली बनाने के साथ भविष्य का ईंधन भी बनाएगा
परमाणु कार्यक्रम में भारत की बड़ी उपलब्धि, परमाणु क्षेत्र में भारत के तीसरे चरण की शुरुआत
भारत ने अपने परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में बड़ी उपलब्धि हासिल करजते हुए तमिलनाडु के कलपक्कम में बने प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) ने हाल ही में ‘क्रिटिकलिटी स्तर’ हासिल कर लिया है। यह स्तर संकेत देता है कि रिएक्टर में परमाणु श्रृंखला प्रतिक्रिया स्थिर रूप से चल रही है और वह सुरक्षित ऊर्जा उत्पादन करने में सक्षम है। फास्ट ब्रीडर रिएक्टर को खास इसलिए माना जाता है क्योंकि अन्य रिएक्टरों की खुद के उपयोग के लिए ईंधन बनाने के साथ ही उससे कहीं ज्यादा ऊर्जा विकल्प तैयार कर देता है। यूरेनियम और प्लूटोनियम से ऊर्जा पैदा करने के साथ इसके तेज न्यूट्रॉन अतिरिक्त ईंधन भी बनाते हैं। देश में यूरेनियम सीमित है लेकिन थोरियम प्रचुर मात्रा में है और इसी तथ्य के चलते कलपक्कम का यह रिएक्टर खास हो जाता है। इसमें थोरियम का बड़े पैमाने पर उपयोग संभव होगा। यह रिएक्टर पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से बनाया गया है जो बिजली बनाने के साथ भविष्य के लिए ईंधन भी तैयार करने की क्षमता रखता है। इसे भारत के न्यूक्लियर प्रोग्राम के तीसरे चरण की ओर भी बड़ा कदम माना जा रहा है।
