एमसीयू के फिल्म फेस्ट “सिनेब्रेशन 3.0” को दर्शकों ने सराहा
अवार्ड सेरेमनी के साथ फिल्म स्टडीज के रिसर्च पर फैलोशिप की भी घोषणा
फिल्में और पुस्तकें हमारे जीवन और समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। जरूरी विषयों पर इनसे हमारी समझ बेहतर होती है। फिल्मों और पुस्तकों के बीच घनिष्ठ सामंजस्य है। फिल्मों से हम बहुत कुछ सीखते हैं और युवा फिल्मकार नए विषयों पर अच्छा सिनेमा बना रहे हैं।
ये बातें एमसीयू के फिल्म्फेस्ट “सिनेब्रेशन 3.0” में मुख्य अतिथि बतौर उपस्थित सतपुड़ा फिल्म सोसाइटी के अध्यक्ष लाजपत आहूजा ने कहीं। इस अवसर पर उन्होंने सतपुड़ा फिल्म सोसाइटी फिल्म अध्ययेताओं के लिए एक फैलोशिप देने की भी घोषणा की। सिनेब्रेशन में विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय फिल्मों के साथ-साथ सिनेमा विभाग के छात्रों द्वारा निर्मित फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। दो दिनो में एमसीयू का माखनपुरम कैंपस सिनेमा, थियेटर,कला और संस्कृति प्रेमियों की चहलकदमी का केंद्र बना रहा। फिल्मों और अभिनय में रूचि रखने वाले लोगों ने यहां प्रतिभागिता की। कई उभरते युवा फिल्मकारों और अदाकारों ने अपनी उपस्थिति यहां दर्ज करवाई। इसके साथ ही इन क्षेत्रों की दिग्गज हस्तियों ने यहां आकर यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों की बनाई फिल्मों को देखा, उनके निर्देशन, प्रोडक्शन, सिनेमा आर्ट और अभिनय को सराहा। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के सिनेमा और जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित सिनेब्रेशन 3.0 के इस वर्ष के आयोजन की खास बात रही लीक से हटकर अलग-अलग विषयों पर सिनेमा डिपार्टमेंट के स्टूडेंट्स की बनाई फिल्में। सब्जेक्ट्स से लेकर सिनेमैटोग्राफी और स्क्रिप्ट से लेकर साउंड इफैक्ट्स, हर बात को बेहतरीन तरीके से पेश कर फिल्म फेस्ट के प्रतिभागियों ने पर्दे पर उतारा। इस अवसर पर बॉलिवुड अभिनेता अजयपाल ने कहा कि भारत कथाओं का देश है। जब सिनेमा नहीं था तब दादा-दादी और नाना-नानी की कहानियों का दौर हुआ करता था। आज का युवा किसी बड़े विषय पर विस्तृत कहानी को शॉर्ट फिल्म के माध्यम से संक्षिप्त में पर्दे पर दिखाते हैं। उन्होंने सिनेब्रेशन में दिखाई गई फिल्मों की काफी तारीफ करते हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।इस कार्यक्रम में उपस्थित प्रख्यात एक्टर अंशुल कुकरेजा ने कहा कि यूनिवर्सिटी के माध्यम से युवा पीढ़ी लेखन और निर्देशन के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। आज इस अवसर पर महाकाल प्रोडक्शन के फाउंडर आकाश गौतम ने कहा कि आज इंटरनेशनल फिल्मों का निर्माण हमारे देश में हो रहा है। हमारे बॉलिवुड की फिल्में भी इंटरनेशनल मार्केट में अच्छा बिजनेस कर रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को उनकी बनाई फिल्मों के लिए शुभकामनाएं भी दीं।इसअवसर पर सिनेमा एवं जनसंपर्क विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पवित्र श्रीवास्तव ने कार्यक्रम ने कहा कि इस फिल्म फेस्टिवल को सफल बनाने में पूरी टीम की मेहनत शामिल है और उन्होंने इस आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को भी धन्यवाद किया। उन्होंने स्टूडेंट्स की क्रिएटिविटी की भी सराहना की। आज सिनेब्रेशन में कॉस्प्ले ने सबकी तालियां बटोरीं। अलग-अलग फिल्मों के गीतों और ड्रेस की थीम पर आधारित इस पेशकश में विद्यार्थियों ने अपने अभिनय कौशल से दर्शकों का मन मोह लिया। फिल्मोत्सव में छात्रों ने अपनी फिल्मों के माध्यम से विविध विषयों, सामाजिक ज्वलंत समस्याओं और समृद्ध सांस्कृतिक कथाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इसके साथ ही स्टूडेंट्स के बैंड की प्रस्तुति ने भी माहौल में एक जोश भर दिया।सिनेब्रेशनमें अलग-अलग श्रेणियों में फिल्म मेकिंग और एक्टिंग के लिए फिल्मकारों, और कलाकारोंको अवार्ड देकर सम्मानित भी किया गया।

एड फिल्म मेकिंग में मयंक पाटिल की फिल्म “एक कदम” रनर अप और सन्नी कुमार की फिल्म “मुन्नी” को बेस्ट अवार्ड मिला। मोबाइल फिल्म मेकिंग में राहुल सैनी की फिल्म “बातचीत” रनर अप रहीं वहीं रेहान पवार की फिल्म “एक रास्ता जंगल” को बेस्ट मोबाइल फिल्म मेकिंग का अवार्ड मिला। डॉक्युमेंट्री फिल्म की कैटेगरी में सुनील सोन्हिया की फिल्म “जामगढ़” रनर अप रही। इस कैटेगरी में बेस्ट डॉक्युमेंट्री का अवार्ड सतपाल सिंह की “गुडुम” को मिला।सिनेब्रेशन के इस फेस्टिवल में इस बार बेस्ट एडिटर का अवार्ड “सैलरी” मूवी के लिए आदर्श गावडे को मिला। बेस्ट सिनेमैटोग्राफर अवार्ड फिल्म “हैलीकॉप्टर” के लिए शशांक दुबे को और बेस्ट स्क्रीनप्ले का अवार्ड मिला फिल्म “अनिकलन” के लिए सम्पत कुमार सुब्रमण्यन को मिला। “ठग” फिल्म में अदाकारी के लिए बेस्ट एक्टर का अवार्ड मिला निखिल वर्मा को और बेस्ट एक्ट्रेस का पुरस्कार “मै लाल हूं” फिल्म के लिए कोहिना जैन को मिला। सोहेल की “पीली चड्डी” नामक फिल्म के निर्देशक नरेंद्र सिंह पारधी को बेस्ट डायरेक्शन का अवार्ड मिला। शॉर्ट फिल्म की श्रेणी में बेस्ट फिल्म का अवार्ड मिला फिल्म “सोहेल की पीली चड्डी” को। इस कैटेगरी में रनरअप रही आशुतोष मिश्रा की शॉर्ट फिल्म “बापू मोहे ट्रैक्टर दिला दे”।इसअवसर पर विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी, स्क्रिप्ट राइटर और प्रोड्यूसर सुदीप सोहनी, फिल्म प्रोडक्शन और डाइरेक्शन से जुड़े आकाश गौतम सहित थिएटर और एक्टिंग की दुनिया की नामचीन हस्तियां मौजूद रहीं। सिनेब्रेशन में इस बार कैमरा और तकनीकीउपकरणों की अग्रणी कंपनियों सोनी और निकॉन द्वारा उनके नवीनतम फोटोग्राफी और वीडियोकैमरा सीरीज की प्रदर्शनी भी सिनेब्रेशन में लगाई । सिनेमा पर आधारित पुस्तकों की प्रदर्शनी भी इस कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहा। इस कार्यक्रम में फिल्मों के पोस्टर्सकी प्रदर्शनी भी दर्शकों को बहुत पसंद आई। कार्यक्रम में जनसंपर्क विभाग की डॉ. जया सुरजानी, सिनेमा विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. गजेन्द्र अवास्या, डॉ. रामदीन त्यागी, श्रीमती स्मृति जोशी सहित अन्य विभागों के शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
