March 23, 2026
वर्ल्ड

Dhurandhar Style से हुई लश्कर के कमांडर की हत्या

बिलाल आरिफ सलाफी को लश्कर के सबसे सुरक्षित मरकज में ईद की नमाज के बाद 72 हूरों के पास पहुंचा दिया

इधर धुरंधर का दूसरा भाग कमाई के रिकॉर्ड तोड़ ही रही है और हमजा की कहानी को बेहद पसंद किया जा रहा है वहीं पाकिस्तान में वाकई हमजा अपने काम को अज्ञात हमलावर के नाम से अंजाम दे रहे हैं। ईद के दिन भी अज्ञात हमलावरों ने छुट्‌टी नहीं ली और पाकिस्तानी मुरीदके क्षेत्र में मरकज तैयबा में घुसकर बिलाल आरिफ सलाफी को 72 हूरों से मिलवाने का इंतजाम कर दिया। लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर सलाफी की मौत इसलिए भी बड़ी बात है क्योंकि मुरीदके को लश्कर का गढ़ और आतंकियों के लिए सबसे सुरक्षित जगह माना जाता था जहां ऑपरेशन सिंदूर के समय कई आतंकियों का खात्मा करने के बाद लश्कर ने कहीं ज्यादा सुरक्षा के साथ फिर आतंकियों को जुटाना शुरु किया था और इसमें पाकिस्तानी सेना भी पूरा सहयोग करती है। इतने सुरक्षित इलाके और लश्कर के गढ़ में लश्कर के कमांडर की गुमनाम व्यक्ति द्वारा हत्या कर दिया जाना कमाल का काम है। घटना ईद की नमाज के तुरंत बाद हुई। ऐसा भी नहीं कि हमलावर ने गोली चलाकर ही फरारी ले ली हो बल्कि गोली चलाने के बाद उसने सुनिश्चित किया कि सलाफी बच न जाए इसलिए उसे चाकू से भी मारा और फिर पूरी पुष्टि भी की वह मर चुका है। मरकज तैयबा को लश्कर का हाई-सिक्योरिटी हेडक्वार्टर रहा है जहां बाहरी व्यक्ति का जाना ही संभव नहीं है। सलाफी को आतंकी बनाने के लिए युवाओं को जोड़ने और ट्रेनिंग देने का काम दिया गया था और वह लश्कर का महत्वपूर्ण अंग था।