Iran War में अब सीधी तेल की लड़ाई
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक और बड़े कमांडर नैनी की भी मौत
अमेरिका के साथ इजराइल के भीषण हमलों के बीच अब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर/प्रवक्ता मोहम्मद अली नैनी के भी मारे जाने की खबर है और ईरान ने भी इस बात की पुष्टि कर दी है। ईरान ने भी इजराइल और खाड़ी देशों के साथ साथ अब तुर्की पर भी हमले शुरु कर दिए हैं और इनमें से सबसे ज्यादा निशाना तेल और गैस निकालने वाले क्षेत्र बन रहे हैं । मिसाइलों और ड्रोन के साथ युद्ध अब बीस दिन पूरे कर चुका है और जो मामला अली खौमेनी की मौत से शुरु हुआ था उसकी अगली कड़ी में अली मोहम्मद नैनी की खबर आई है। ईरान के साथ साथ अब इजराइली सेना सीरिया पर भी जमकर बमबारी कर रहा है जिसमें कमांड सेंटर और हथियारों को निशाना बनाया जा रहा है। इजराइल की ओर से कहा गया है कि जिस तरह से सीरिया ने द्रुज लोगों पर हमले किए हैं वो सरासर गलत है और यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सीरिया में गुरुवार को महज दस लाख की संख्या में बचे अल्पसंख्यक द्रुज लोगों पर हमला हुआ था। संयुक्त राष्ट्र ने भी माना है कि सीरिया में अल्पसंख्यक द्रुज समुदाय पर अत्याचार हो रहे हैं और उन्हें अपहरण, यौन हिंसा और अवैध हिरासत जैसी यातनाएं झेलनी पड़ रही हैं। इधर दुनिया के व्यवसाय की नस दबाकर बैठे ईरान से होर्मुज स्ट्रेट की राह पूरी तरह खुलवाने के लिए छह देशों पहल की है। युद्ध के चलते दुनियाभर में गैस और तेल के संभावित संकट को देखते हुए ब्रिटेन, जापान, नीदरलैंड्स, इटली, जर्मनी और फ्रांस के साथ भारत भी स्ट्रेट को खुलवाने की बातों में जुट गया है।
