April 2, 2026
देश दुनिया

Pokharan में वायुशक्ति-2026 महायुद्धाभ्यास

26 फरवरी को होने वाले अभ्यास में 125 विमान होंगे शामिल
भारतीय वायुसेना 12 फरवरी से एक खास अभियान शुरु कर रही है। 26 फरवरी को राजस्थान के पोकरण स्थित चांधन फील्ड फायरिंग रेंज में ‘वायुशक्ति-2026’ वॉरगेम का आयोजन करने जा रही है। इस युद्धाभ्यास में वायुसेना के 125 से अधिक विमान हिस्सा लेंगे, जिनमें सुखोई-30 एमकेआई और राफेल भी शामिल होंगे। इस अभ्यास का उद्देश्य दो मोर्चों पर लड़ाई की ट्रेनिंग है और वास्तविक युद्ध परिस्थितियों में तालमेल और दक्षता की परख करना है। पूरे वॉरगेम का समन्वय जोधपुर एयरबेस से होगा और वायुसेना का ‘अवाक्स’ वॉर रूम पूरे अभ्यास को लीड करेगा। ऑपरेशन सिंदूर से हमारी वायुसेना को वैश्विक एयर पावर दुनिया के सामने है। अब एक बार फिर यह अभ्यास उसकी ताकत को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगा। सुखोई-30 एमकेआई और राफेल जैसे सुपरसोनिक विमान के साथ मिग-29, जगुआर और मिराज-2000 जैसे विमान भी इसमें शामिल होंगे। यह भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा वॉरगेम होगा, जो पोकरण के पास होगा। इस युद्धाभ्यास की शुरुआत 12 फरवरी से होगी। पश्चिमी सीमा के आठ एयरबेस से दिन-रात विमान उड़ान भरेंगे और विभिन्न मिशनों का अभ्यास करेंगे। 24 फरवरी को इसकी प्रमुख रिहर्सल होगी, जिसमें सभी विमानों की तैनाती और हमले की रणनीतियों का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद 26 फरवरी को मुख्य आयोजन होगा, जिसमें वायुसेना अपनी पूरी ताकत का प्रदर्शन करेगी। इस वॉरगेम में सुपरसोनिक विमानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। सुखोई-30 एमकेआई और राफेल न केवल हवा से हवा में लड़ाई करेंगे, बल्कि जमीन पर सटीक हमले भी करेंगे। इन विमानों की गति, तकनीक और मारक क्षमता वायुसेना को दुश्मन पर निर्णायक बढ़त दिलाने में मदद करेगी। इसके अलावा, ‘अवाक्स’ सिस्टम वॉरगेम के दौरान निगरानी और नियंत्रण की जिम्मेदारी निभाएगा, जिससे सभी अभियानों का समन्वय सुनिश्चित होगा।