सीहोर साहित्य महाकुंभ: शिवना साहित्य समागम 2026
देशभर के दिग्गज साहित्यकारों के साथ कई सत्र, रचनाकारों का सम्मान और रेडियो कर्मवीर के साथ यादगार उत्सव
हिंदी साहित्य, भाषा और संस्कृति के संवर्धन को समर्पित शिवना साहित्य समागम 2026 इस साल 28 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक आयोजित होने जा रहा है। क्रिसेंट रिसोर्ट एंड क्लब, सीहोर में होने वाले इस दो दिवसीय साहित्य महोत्सव में देशभर से वरिष्ठ साहित्यकार, कवि, कथाकार और विचारक तीन सभागारों में साहित्यिक सत्रों में भाग लेंगे। इसके अलावा इस समागम में पुस्तक लोकार्पण, सम्मान समारोह व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र होंगे। समागम का 28 फरवरी सुबह सिद्धपुर सभामंडप से शुभारंभ होगा। इसमें सत्र समन्वयक डॉ. गरिमा संजय दुबे और प्रभारी स्मृति आदित्य रहेंगी । अतिथियों में जगतगुरु पंडित अजय पुरोहित, डॉ. प्रेम जनमेजय, विकास दवे, सुदेश राय, विकास प्रिंस राठौर, श्रीमती नमिता राय और श्रीमती अरुणा राय भागीदारी देंगे। पहले दिन बारह वैचारिक सत्र होंगे जिनमें ‘धर्म और साहित्य’, ‘सिनेमा और साहित्य’, ‘नई सदी की नई कविता’, ‘नई सदी की नई कहानी’ और ‘पत्रकारिता की विश्वसनीयता’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विमर्श होगा। शाम 7 बजे से सम्मान समारोह में आठ रचनाकारों को उनकी कृतियों के लिए पुरस्कृत और सम्मानित किया जाएगा। रात्रि में सहभोज के साथ भगोरिया नृत्य का आनंद लिया जा सकेगा। समागम के दूसरे दिन तीन सभागारों में पंद्रह वैचारिक सत्रों में ‘डिबेट या न्यूज़’, ‘राजनीति की डगर में फूल और काँटे’, ‘लघुकथाओं की मंडी में लघुकथा’ और ‘4 धाम दर्शन, ‘आदि आबादी की आवाज़’ जैसे विषयों पर चर्चा होंगी। शाम में फाग गायन, पारंपरिक भोजन और लोक नृत्य के साथ समापन समारोह होगा।
आठ रचनाकार होंगे सम्मानित
सम्मान समारोह में आठ चुनिंदा रचनाकारों को सम्मानित किए जाने के क्रम में अंतर्राष्ट्रीय शिवना सम्मान 2025 से लीलाधर मंडलोई को आत्मकथा ‘जब से आँख खुली है’ के लिए मिलेगा। अंतर्राष्ट्रीय शिवना सम्मान 2024 के अंतर्गत प्रभात रंजन को उपन्यास ‘किस्सागराम’ और मनीष वैद्य को कहानी संग्रह ‘वांग छी’ के लिए सम्मानित किया जाएगा। शिवना कृति सम्मान 2025 मुकेश नेमा (इत्तू सी इरा’) और स्मृति आदित्य (‘अब मैं बोलूँगी’) को प्रदान किया जाएगा। शिवना कृति सम्मान 2024 के लिए प्रवीण कक्कड़ (‘दण्ड से न्याय तक’) और शिवना नवलेखन पुरस्कार 2024 के लिए रश्मि कुलश्रेष्ठ (उपन्यास ‘शेष रहेगा प्रेम’) के साथ रुक्मा ओझा (कहानी संग्रह ‘आखिरी चाय’) को चयनित किया गया है। समागम में देश के प्रख्यात साहित्यकार मौजूद रहेंगे। पद्मश्री डॉ. ज्ञान चतुर्वेदी, कवि-कथाकार-आलोचक संतोष चौबे और वरिष्ठ व्यंग्यकार डॉ. प्रेम जनमेजय भी समारोह में उपस्थित रहेंगे।
रेडियो कर्मवीर 90.0 एफएम पहुंचेगा सीहोर
इस साहित्यिक आयोजन को व्यापक श्रोता वर्ग तक पहुँचाने के लिए माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के सामुदायिक रेडियो स्टेशन ‘रेडियो कर्मवीर’ 90.0 एफएम की टीम विशेष रूप से सीहोर पहुँचेगी। टीम आयोजन की रिपोर्टिंग के साथ साहित्यकारों व विद्वानों के साक्षात्कार भी सहेजेगी, ताकि इस साहित्योत्सव की गूंज रेडियो तरंगों पर भी उपलब्ध रहे। समागम का आयोजन यतींद्र मिश्र, यशपाल शर्मा, अखिलेश राय, श्रीमती मनीषा कुलश्रेष्ठ और श्रीमती ज्योति जैन की अगुवाई में हो रहा है जबकि परामर्श समिति में लोकेन्द्र मेवाड़ा, अनिल पालीवाल, कैलाश अग्रवाल, अशोक राय, उमेश शर्मा, राजेश चांडक, हितेन्द्र गोस्वामी, राजकुमार राठौर, पंकज सुबीर, रेखा पुरोहित सहित अनेक वरिष्ठ साहित्यकार व कार्यकर्ता शामिल हैं। इस समागम का ध्येय वाक्य रखा गया है “सीहोर बुला रहा है…साहित्य के इस महोत्सव में आपका स्वागत है।”
– नैवेद्य पुरोहित की रिपोर्ट
