Sonia Gandhi की नागरिकता और मतदाता सूची वाला मामला उलझा
सेशंस कोर्ट ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले और टिप्पणियाें से असहमति जताकर वापस सुनने को कहा, आज नहीं हो पाई सुनवाई
सोनिया गांधी को भारत की नागरिकता मिलने वाले मामले को और मतदाता सूची में नाम शामिल किए होने वाले मामले में वकीलों की हड़ताल के चलते सुनवाई नहीं हो सकी, अब इसकी अगली तारीख 6 नवंबर रखी गई है। दरअसल मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को पलटते हुए और उसकी टिप्पणियों को भी अनुचित बताते हुए सुनवाई की जानी थी। शिकायत यह है कि सोनिया का नाम मतदाता सूची में 1980 में शामिल कर लिया गया था जबकि उन्हें इटली की नागरिकता छोड़ने के बाद भारत की नागरिकता 1983 में मिली। मजिस्ट्रेट अदालत ने सोनिया पर एफआईआर का आदेश देने से मना कर दिया था इसके बाद फैसले को सत्र न्यायालय में चुनौती दी गई जिसकी पुनरीक्षण याचिका मान्य करते हुए मजिस्ट्रेट अदालत का आदेश रद्द कर दिया गया था। एमपी-एमएलए मामलों की सुनवाई करने वाले अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अब इस मामले पर नए सिरे से सुनेंगे। मजिस्ट्रेट अदालत के निर्णय और टिप्पणियों से असहमत होते हुए सत्र न्यायालय ने कहा कि शिकायत खारिज करने के फैसले के कारण दिए जाने चाहिए थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सोनिया का नाम भारतीय नागरिकता मिलने से पहले ही मतदाता सूची में शामिल किया गया, 1980 में मतदाता सूची में दर्ज करने के बाद इसे 1982 में हटाया और 1983 में फिर जोड़ा गया। दस्तावेजों में सफदरजंग रोड नई दिल्ली का पता भी दर्ज होने की बात भी सामने आई है। अब पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट सहित अन्य पक्ष देखने के बाद शिकायत पर कार्रवाई तय होगी।
