September 2, 2026
Film

Hanuman Ansh का भजन और सुनील के रुहानी भजन

जन्म से न देख सकने वाले सुनील सिंह लोधी के लिए फिल्म बनी टर्निंग पाइंट

आपने यदि हनुमान अंश फिल्म नहीं भी देखी है तो उसका यह भजन तो जरुर आपके कानों में पड़ा होगा जो आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाता है लेकिन यह तथ्य रोचक है कि जब आप “मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई…” सुन रहे होते हैं तो उसमें गाने वाले सुनील सिंह की लोधी की तन्मयता चौंकाती है और जब आपको पता चलता है कि सुनील दुनिया को आंखों से देख नहीं पाते बल्कि सिर्फ महसूस ही कर सकते हैं तो आपका आश्चर्य और बढ़ जाता है। जी हां,एमपी के सागर जिले के अगरा के रहने वाले सुनील सिंह लोधी ने जन्म के बाद से ही दुनिया में कुछ भी आंखों से नहीं देखा है। आज उनकी आवाज ने उन्हें नई पहचान दी है और उनका गाया भजन दुनियाभर में नीम करौली बाबा पर बनी फिल्म के माध्यम से धूम मचा रहा है। सुनील के परिवार का गुजारा दो एकड़ जमीन और गाय-भैंस पालने से होता है। स्कूली दिनों में उनका रुझान संगीत की तरफ बढ़ा और उन्होंने अपनी अंधेरी दुनिया का साथी वाद्ययंत्र तंबूरे को बनाया। धार्मिक आयोजनों में जब वो भजन गाते तो लोग भाव विभोर हो जाते। 25 साल के सुनील की मुलाकात 2019 में रोहित साहू से हुई। रोहित ने समझा कि सुनील की आवाज में अलग ही कशिश है लिहाजा उन्होंने सुनील के वीडियो सोशल मीडिया पर लाने शुरु किए। पारंपरिक बुंदेली गीत को जब लाखों लोगों ने देखा तो और उत्साह बढ़ा, इसके बाद तो एक भजन लगभग तीन करोड़ की दर्शक संख्या तक पहुंच गया। सुनील और रोहित पर ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की नजर पड़ी। सुनील ने उन्हें भजन सुनाए तो विशाल ने तुरंत तय कर लिया कि सुनील उनके लिए गाएंगे। सुनील ईश्वर में आस्था रखते हैं और बताते हैं कि जब जब उन्हें आंखों की रोशनी न होने के चलते परेशानी हुई तब तब उन्हें किसी दैवीय शक्ति ने राह दिखाई है इसीलिए वे अपने भजन इस तल्लीनता और आस्था के साथ गा पाते हैं।