SIR का विरोध करने सुप्रीम कोर्ट में तर्क रखने पहुंचीं ममता
सुप्रीम कोर्ट में बंगाल मतदाता सूची पर हंगामा, ममता ने चुनाव आयोग को घेरा
सुप्रीम कोर्ट में एसआईआर मुद्दे को लेकर सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद तर्क रखने पहुंचीं और वकीलों के साथ रहीं। ममता बनर्जी का पक्ष रखते हुए कहा गया कि विसंगतियों की सूची दिखाई जानी थी क्योंकि 32 लाख मतदाता सूचीबद्ध नहीं हैं, 1.36 करोड़ नाम विसंगति सूची में हैं और 63 लाख सुनवाई लंबित हैं। ममता ने आरोप लगाया कि एसआईआर का इस्तेमाल केवल नाम हटाने के लिए हो रहा है। आधार कार्ड को मान्यता देने के बाद लोगों को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन अन्य राज्यों में स्वीकार्य दस्तावेज भी बंगाल में नहीं माने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के लिए यह सब किया जा रहा है। ममता ने चुनाव आयोग को ‘व्हाट्सएप आयोग’ बताते हुए कहा कि आयोग व्हाट्सएप से अनौपचारिक आदेश जारी कर रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि 58 लाख नाम काट दिए गए और अपील का विकल्प तक नहीं दिया गया। फरवरी को इस मामले पर विस्तृत सुनवाई होगी। याचिका में ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा 24 जून और 27 अक्तूबर 2025 को जारी सभी एसआईआर वाले आदेशों को रद्द करने की मांग की है।
