February 16, 2026
प्रदेश

Omkareshwar एकात्म धाम ओंकारेश्वर के लिए संशोधित 2424 करोड़ की स्वीकृति

लाडली लक्ष्मी योजना के हर खाते में 1500 रुपए 12 नवंबर को पहुंचेंगे, मंत्रिपरिषद के कई अहम निर्णय

मध्यप्रदेश में 10 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक क्षेत्रों को सशक्त करने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। वंदे मातरम के गायन के साथ शुरु हुई इस बैठक में निर्णय लिया गया कि भगवान बिरसा मुंडा जयंती को पूरे प्रदेश में धूमधाम से मनाया जाएगा। 15 नवंबर को जबलपुर और अलीराजपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम होंगे, जिनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लाइव जुड़ेंगे, जिससे जनजातीय समाज को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलेगा। बैठक में यह तय किया गया कि प्रदेश के सभी जिलों में जनजातीय प्रतिभाओं को सम्मानित करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यह पहल जनजातीय समाज के योगदान को पहचान देने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। कृषि क्षेत्र को राहत देने के लिए भावांतर भुगतान योजना के तहत सोयाबीन का मॉडल टेट 4036 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया। साथ ही, मुख्यमंत्री ने 13 नवंबर को देवास से 1.32 लाख किसानों को 300 करोड़ रुपये की राशि एक क्लिक से ट्रांसफर करने की घोषणा की, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। बिजली बिल समाधान योजना की शुरुआत भी की गई है, जिसके तहत उपभोक्ता 30 दिसंबर तक अपने बिल की गलतियों को सुधार सकेंगे। यह योजना उपभोक्ता हितों की रक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में अहम है।
न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए खंडवा जिले के मान्धाता क्षेत्र में नया सिविल न्यायालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया। वहीं, ओंकारेश्वर एकात्म धाम परियोजना की संशोधित लागत 2424 करोड़ रुपये स्वीकृत की गई है। इस परियोजना के अंतर्गत 108 फीट ऊंची आदि शंकराचार्य की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जो आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगी। लाडली बहना योजना के तहत महिलाओं को अब 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री 12 नवंबर को सिवनी से इस राशि का डिजिटल ट्रांसफर करेंगे, जिससे महिला सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी। ऊर्जा क्षेत्र में रेस्को सोलर योजना को मंजूरी दी गई है। मंत्री चेतन्य काश्यप ने बताया कि हर जिले की सरकारी इमारतों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इनसे उत्पादित बिजली केवल सरकारी उपयोग में लाई जाएगी और जिलेवार निविदाएं जारी की जाएंगी। विकासोन्मुखी सोच, जनहितकारी दृष्टिकोण और प्रशासनिक सक्रियता के संकल्प के साथ इस बैठक में कई निर्णय लिए गए.