MP की मंत्री का भाई निकला गांजे का तस्कर
राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का भाई 46 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार, राजनीतिक हलचल तेज
सतना पुलिस ने 46 किलो गांजा बरामद करते हुए जिस तस्कर को गिरफ्तार किया, उसकी पहचान अनिल बागरी के रूप में हुई—जो प्रदेश की नगरीय विकास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का भाई है। पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी एक बड़े और संगठित नशा तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है, जिसकी कड़ियाँ कई जिलों तक फैली हो सकती हैं। फिलहाल पुलिस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
सतना पुलिस के अनुसार, उन्हें लंबे समय से इलाके में सक्रिय एक तस्करी गिरोह की सूचना मिल रही थी। सोमवार देर रात की गई कार्रवाई में पुलिस ने एक वाहन को रोका और तलाशी में 46 किलो गांजा बरामद किया। पूछताछ में आरोपी की पहचान अनिल बागरी के रूप में हुई। गिरफ्तारी के बाद से यह मामला राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील हो गया है, क्योंकि आरोपी सीधे तौर पर एक मंत्री का करीबी रिश्तेदार है।
विपक्ष ने इस घटना को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने कहा कि “जब मंत्री के परिवार के सदस्य बार‑बार नशे के मामलों में पकड़े जा रहे हैं, तो यह गंभीर सवाल उठाता है कि क्या सत्ता का दुरुपयोग हो रहा है।” प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी सरकार से पूछा कि क्या मंत्री के परिवार को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है, और क्या इसी वजह से नशे का नेटवर्क फल‑फूल रहा है। यह पहला मौका नहीं है जब प्रतिमा बागरी के परिवार का नाम नशे से जुड़े मामलों में सामने आया हो। इससे पहले अनिल बागरी के जीजा को भी नशे से जुड़े एक मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। विपक्ष का कहना है कि लगातार दो बार परिवार के सदस्यों का ऐसे मामलों में पकड़ा जाना “सिस्टम की नाकामी और राजनीतिक संरक्षण” की ओर इशारा करता है।
वहीं, सत्तारूढ़ दल के कुछ नेताओं ने कहा है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उनका कहना है कि आरोपी चाहे किसी भी परिवार से हो, पुलिस कार्रवाई निष्पक्ष रूप से जारी रहेगी। सतना पुलिस ने बताया कि बरामद गांजे की मात्रा को देखते हुए मामला गंभीर है और आरोपी से पूछताछ में कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या अनिल बागरी किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था और क्या इस तस्करी में अन्य लोग भी शामिल हैं।
