August 29, 2025
धर्म जगतलाइफस्टाइल

Navratri 2025 हाथी पर सवार मां लाएंगी सुख समृद्धि

22 सितंबर से शुरु होने वाला नवरात्रि पर्व 2 अक्टूबर यानी विजयादशमी तक चलेगा

पर्वों का सिलसिला अब शुरु हो चुका है जिसका श्रीगणेश के आगमन से आरंभ होता है और जो दीवाली के बाद तक लगातार चलता रहता है. इसमें एक नौ दिवसीय पर्व वह भी है जो मां की शक्ति और भक्ति के लिए सबसे विशेष माना जाता है यानी शारदीय नवरात्रि. यूं तो नवरात्रि वर्ष में चार बार आती हैं लेकिन दो गुप्त नवरात्रि और एक चैत्र नवरात्रि होती हैं लेकिन शारदीय नवरात्रि का अपना अलग ही स्थान और उत्साह देखा जाता है. इन नौ दिनों में माता दुर्गा के हर दिन अलग रूप की पूजा होती है. इस साल शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर से आरंभ होगी यानी नवरात्रि की शुरुआत की कलश स्थापना 22 सितंबर को रहेगी. घटस्थापना के दौरान मिट्टी के कलश में जल, सुपारी, सिक्का और अन्य पूजन सामग्री रखकर माता दुर्गा का आह्वान किया जाता है. इसका प्रमुख आकर्षण दुर्गा पूजा है, जो षष्ठी तिथि से शुरू होती है. इस वर्ष षष्ठी तिथि 28 सितंबर 2025 को पड़ेगी, जिसके साथ ही दुर्गा पूजा की शुरुआत होगी. यह उत्सव पांच दिनों तक चलेगा, जिसमें महाषष्ठी, महासप्तमी, महाअष्टमी, महानवमी और विजयादशमी शामिल हैं. इस दौरान भक्त माता दुर्गा की भव्य मूर्तियों की स्थापना करते हैं और पंडालों में पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है. खासकर पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा का उत्साह अपने चरम पर होता है, जहां सड़कों पर रंग-बिरंगे पंडाल और माता की भव्य मूर्तियां आकर्षण का केंद्र होती हैं. इस बार नवरात्रि की कालगणना और पर्व इस तरह होंगे.
22 सितंबर 2025 – प्रतिपदा (शैलपुत्री पूजा)
23 सितंबर 2025 – द्वितीया (ब्रह्मचारिणी पूजा)
24 सितंबर 2025 – तृतीया (चन्द्रघण्टा पूजा)
26 सितंबर 2025 – चतुर्थी (कूष्माण्डा पूजा)
27 सितंबर 2025 – पञ्चमी (स्कन्दमाता पूजा)
28 सितंबर 2025 – महाषष्ठी (कात्यायनी पूजा)
29 सितंबर 2025 – महासप्तमी (कालरात्रि पूजा)
30 सितंबर 2025 – महाअष्टमी (महागौरी पूजा)
1 अक्टूबर 2025 – महानवमी (सिद्धिदात्री पूजा)
2 अक्टूबर 2025 – विजयादशमी.