Japan में मौजूद दुनिया की सबसे पुरानी होटल
1300 साल से मेहमाननवाज़ी, ‘निशियामा ओनसेन केयुनकान’ को 52 पीढ़ी से संभाल रहा परिवार
— एक ऐसी कहानी, जो समय, परंपरा और इंसानी समर्पण को नए अर्थ देती है
जापान के पहाड़ों के बीच एक ऐसी जगह है, जहां समय जैसे ठहर गया है—इतिहास सांस लेता है, परंपराएँ जीवित हैं और मेहमाननवाज़ी एक विरासत की तरह पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती है। यह जगह है निशियामा ओनसेन केयुनकान, दुनिया का सबसे पुराना होटल, जो 705 ईस्वी से लगातार चल रहा है। जी हाँ, 1300 साल से भी अधिक समय से यह होटल अपने मेहमानों का स्वागत कर रहा है। और सबसे अद्भुत बात—यह आज भी एक पारिवारिक व्यवसाय है, जिसे 52 पीढ़ियों ने संभाला है। जब यह होटल शुरू हुआ था, तब दुनिया बिल्कुल अलग थी। भारत में अभी तक कई राजवंश उभर रहे थे, यूरोप मध्ययुग में प्रवेश कर रहा था और अमेरिका का आधुनिक इतिहास शुरू भी नहीं हुआ था। उसी समय जापान के यामानाशी प्रांत में एक परिवार ने गर्म पानी के प्राकृतिक झरनों के पास एक सराय बनाई—यही सराय आगे चलकर दुनिया का सबसे पुराना होटल बनी। निशियामा ओनसेन केयुनकान की खासियत सिर्फ इसकी उम्र नहीं है, बल्कि यह है कि इतने लंबे समय में भी इसकी आत्मा नहीं बदली। लकड़ी की पारंपरिक वास्तुकला, प्राकृतिक हॉट स्प्रिंग्स और शांत वातावरण आज भी वैसा ही अनुभव देते हैं जैसा सदियों पहले देते होंगे। पिछली 52 पीढ़ी से हर पीढ़ी ने इस होटल को सिर्फ चलाया नहीं, बल्कि इसे एक जिम्मेदारी की तरह निभाया। जापान में “ओनसेन संस्कृति” सिर्फ स्नान नहीं, बल्कि मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतुलन का प्रतीक है। केयुनकान परिवार ने इस परंपरा को कभी टूटने नहीं दिया। आज दुनिया में बड़े-बड़े होटल चेन, लक्ज़री रिसॉर्ट और हाई-टेक हॉस्पिटैलिटी मौजूद हैं। लेकिन केयुनकान की खूबसूरती इसकी सादगी में है।
यह होटल आधुनिक सुविधाएँ देता है, लेकिन अपनी मूल पहचान को नहीं खोने देता।
– कमरे पारंपरिक तातामी मैट से बने
– भोजन स्थानीय और सदियों पुरानी रेसिपियों पर आधारित
– प्राकृतिक हॉट स्प्रिंग्स आज भी होटल का केंद्र
– जापानी अनुशासन और परंपरा – गुणवत्ता, सम्मान और सेवा को सर्वोच्च मानना।
एक ऐसा अनुभव जो बताता है कि समय बदल सकता है, दुनिया बदल सकती है, लेकिन कुछ मूल्य—परंपरा, सेवा और समर्पण—कभी पुराने नहीं होते।
