March 29, 2026
वर्ल्ड

Trump ने एपस्टीन फाइल्स विधेयक पर हस्ताक्षर किए

मस्क ने भी मांग की थी और अब मस्क फिर आ जुड़े हैं ट्रंप के साथ

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बहुचर्चित एपस्टीन फाइल्स विधेयक पर साइन कर दिए। कांग्रेस के दोनों सदनों सीनेट और प्रतिनिधि सभा की मंजूरी के बाद विधेयक ट्रंप के पास भेजा गया था। अब 30 दिन में दिवंगत जेफरी एपस्टीन से संबंधित फाइलों को सार्वजनिक किया जाएगा। एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के नाम से आए इस विधेयक पर अ्रंप ने कहा कि “नया धोखा डेमोक्रेट्स पर भी वैसा ही भारी पड़ेगा जैसा बाकी सभी पर पड़ा है!”

पहले ट्रंप ने इन फाइल्स को खोलने का विरोध किया था जिसके चलते मस्क उनसे नाराज हो गए थे लेकिन अब ट्रंप इस पर राजी हो गए हैं और मस्क भी वापस उनसे आ जुड़े हैं. 30 दिनों के अंदर इस संबंध में एफबीआई और अटॉर्नी कार्यालय में मौजूद एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने होंगे। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा है, “शायद इन डेमोक्रेट्स और जेफरी एपस्टीन के साथ उनके संबंधों के बारे में सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी, क्योंकि मैंने अभी एपस्टीन फाइलें जारी करने के बिल पर हस्ताक्षर किया है!” जेफर एपस्टीन ने 2019 में न्यूयॉर्क शहर की जेल में आत्महत्या की थी। एक्सियोस की बुधवार को प्रसारित रिपोर्ट के अनुसार, इतना सब होने के बावजूद फाइलों के सार्वजनिक होने में अभी भी कई बाधाएं हैं। इसकी भाषा न्याय विभाग को विवेकाधिकार की पर्याप्त गुंजाइश देती है। विधेयक की भाषा के अनुसार, अटॉर्नी जनरल “किसी सक्रिय संघीय जांच या अभियोजन को खतरे में डालने वाली” किसी भी जानकारी को रोक या संपादित कर सकते हैं। विधेयक में कहा गया है कि अटॉर्नी जनरल ऐसे अभिलेखों को “रोक या संशोधित” कर सकते हैं जिनमें पीड़ितों के नाम, चिकित्सा दस्तावेज और पहचान संबंधी जानकारी हो। वह बाल यौन शोषण सामग्री को भी सार्वजनिक न करने का फैसला ले सकते हैं। ऐसा करने से पहले न्याय विभाग को कांग्रेस को एक रिपोर्ट भी भेजनी होगी। इसमें विस्तार से सभी कुछ तार्किक आधार पर बताना होगा। यह भी बताना होगा कि इसका कानूनी आधार क्या है। ट्रंप पिछले हफ्ते न्याय विभाग से एपस्टीन के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, जेपी मॉर्गन चेज के अधिकारियों और अन्य के साथ संबंधों की जांच करने का आह्वान कर चुके हैं। न्याय विभाग का नियंत्रण राष्ट्रपति के हाथों में है। यही वजह है कि न्याय विभाग ने कांग्रेस की मंजूरी के बिना एपस्टीन जांच से संबंधित 100 से ज्यादा पृष्ठों के दस्तावेज जारी किए। इसके बाद सारी फाइलें जारी करने की मांग उठी। एपस्टीन और ट्रंप के दोस्ताना संबंधों का खुलासा होने पर जमकर हंगामा हुआ। ट्रंप ने आरोपों से लगातार इनकार किया और कुछ मीडिया घरानों को अदालत की चौखट तक ले गए। उन्हें इसमें कामयाबी भी मिली।