Trump ने हमारी मेजबानी का अपमान किया- ब्रिटिश मीडिया
स्टार्मर को बार बार शाबाशी देने का अंदाज और शाही परिवार के नियमों को न मानने पर भड़के ब्रिटिशर्स
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का ब्रिटेन दौरा पूरा तो हो गया लेकिन इसे लेकर सवाल भी कम नहीं हैं और सबसे ज्यादा सवाल तो इस बात पर हैं कि आखिर ट्रंप ने ब्रिटेन और वहां के प्रधानमंत्री ही नहीं शाही परिवार तक के नियम अपने हिसाब से क्यों तोड़े और उन्हें ऐसा क्यों करने दिया गया. ब्रिटिश सरकार ने तो ट्रंप को शाही सम्मान देने में कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन ट्रंप इस तरह व्यवहार कर रहे थे जैसे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर उनके मातहत हों, दो मौकों पर तो उन्होंने स्टार्मर को इस तरह शाबाशी भी दी जैसे बॉस अपने तहत काम करने वाले को देता है. प्रेस कांफ्रेंस से लेकर बैठकों तक में ट्रंप का रवैया बॉस जैसा रहा.
यहां तक कि ट्रंप ने शाही रसोई के नियमों के खिलाफ जाकर भी अपने लिए कुछ विशेष फरमाइशें कीं. ब्रिटिश मीडिया ट्रंप के व्यवहार को “कूटनीतिक असंवेदनशीलता” कह रहा है और यह सवाल भी उठा रहा है कि आखिर परंपराओं की अनदेखी और प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने से उन्हें रोका क्यों नहीं गया. बकिंघम पैलेस के शाही भोज में लहसुन जैसी कुछ चीजें इस्तेमाल नहीं की जाती हैं लेकिन ट्रंप ने परोसे जाने वाले खाने पर भी सवाल उठाए और उसे अपने हिसाब से बदलवाया. शाही परिवार के सदस्यों से मुलाकात में भी ट्रंप ने पीठ थपथपाकर बात करने और चार्ल्स के बेहद करीब जाकर बात करने जैसे काम किए जो ब्रिटिश शिष्टाचार ही नहीं सामान्य शिष्टाचार के भी विरुद्ध माने गए. एक मौके पर तो ट्रंप ने शाही बैंड की प्रस्तुति को बीच में रोकने को भी कह दिया. ब्रिटेन हर अमेरिकी राष्ट्रपति को शाही तामझाम से प्रभावित करता रहा है लेकिन शाही परंपराओं को इस तरह तोड़ने का संकेत मिलते ही सतर्कता भी रखी जाती है. सोशल मीडिया पर भी ट्रंप के व्यवहार पर तीखी प्रतिक्रियाएं देते हुए यूजर्स ने कहा कि ट्रंप को ब्रिटिश मेजबानी का सम्मान करते नहीं आया और वे खुद को राजा से भी ऊपर मानते हुए नजर आ रहे थे.
