Pakistan मना रहा चौधरी बनने का जश्न जबकि मामला तो उलझा ही हुआ है
ईरान अमेरिका-इजराइल के बीच पंद्रह दिन का युद्ध विराम करवाने का श्रेय तो शाहबाज ले रहे लेकिन हकीकत नहीं बता रहे कि शर्ताें का क्या होगा
पाकिस्तान ने जश्न मनाना शुरु कर दिया है कि वह तो ईरान युद्ध रुकवा कर चौधरी बन गया और मामला भी ऐसा जिसमें अमेरिका खुद उससे मिन्नत कर रहा था लेकिन इस सीजफायर उर्फ पंद्रह दिनी शांति को लेकर मामला सुलझा हुआ नहीं लग रहा है। पहली बात तो यही कि ईरान ने इजराइल और कतर सहित कुछ देशों पर हमले जारी रखे हैं यानी अब भी ईरान लड़ाई के ही मूड और मोड में है। वहीं इजराइल ने कह दिया है कि लेबनान का मामला ईरान शांति प्रस्ताव से अलग है जबकि ईरान लेबनान को भी इस प्रस्ताव का हिस्सा बता रहा है। होर्मुज खोलने को लेकर भी अभी संशय बना हुआ है क्योंकि ईरान ने कह दिया है कि जिस भी जहाज को यहां से निकलना हो वो पहले हमसे अनुमति ले जबकि अमेरिका ने दावा किया है कि होर्मुज सभी के लिए पूरी तरह से खुल चुका है और आने वाले समय में अमेरिका भी इस रास्ते का जहाजी यातायात खुले रखने में पूरा काम करेगा जिसका दूसरा अर्थ यह है कि अमेरिका के नियंत्रण में ही होर्मुज की व्यवस्थाएं चलेंगी। शांति की पंद्रह दिनी मोहलत को लेकर भी ईरान के तेवर नर्म नहीं पड़े हैं और उसने कहा है कि हमारी अंगुलियां तो ट्रिगर पर ही लगी हुई हैं। उधर सउदी अरब सहित कई देश पाकिसतान को इस बात के लिए हड़का रहे हैं कि हम तो चाहते थे कि ईरान और उसके आतंक का एक बार में खात्मा हो जाए लेकिन पाकिस्तान ने तो हमारा ही दोस्त बनकर हमें दगा दे दिया। मिसाइलें पूरी तरह थमी नहीं हैं, होर्मुज पूरी तरह खुला नहीं है, परमाणु हथियारों को लेकर अब तक कुछ साफ नहीं है कि अमेरिका के कहे अनुसार ईरान यह जिद छोड़ देगा या ईरान के कहे अनुसार वह तो अपने कार्यक्रम पर कायम है। जितने बड़े मुद्दे थे वो सब अब तक अपनी जगह कायम हैं और दोनों पक्षों की बातें ठीक विपरीत तरीके से ही सामने आ रही हैं लेकिन पाकिस्तान जश्न के मूड में है कि हम तो दुनिया के सबसे बड़े चौधरी बन गए साहब, जो काम नाटो को करना था। अमेरिका के बड़े दोस्त देशों को करना था वह हम जैसे पिद्दी ने किया है। जहां तक सवाल है उस ड्रॉफ्ट का जो कहीं ओर से आया और पाकिस्तानी पीएम ने बेवकूफाना तरीके से पोस्ट भी कर डाला, उसने पूरी दुनिया में पाकिस्तान की जमकर हंसी उड़वाई है लेकिन शाहबाज खुश हें कि उनके जनरल काम आ गए और जनरल खुश हैं कि अमेरिका जो ईनाम इकराम देगा उससे आगे की जिंदगी बढ़िया बसर होगी।
