Pakistan को इजराइल ने कहा आतंकी देश, ईरान भी नाराज
इस्लामाबाद में ईरान युद्ध पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति से बात के लिए नहीं पहुंचा ईरान का प्रतिनिधिमंडल
अमेरिका के कहने पर ईरान युद्ध में समझौता कराने के लिए चौधरी बनने की मंजूरी देकर अब पाकिस्तान बुरी तरह फंस गया है। दरअसल शाहबाज शरीफ समझ ही नहीं पाए कि बेवजह झगड़े में बीच बचाव करने जाने पर दोनों तरफ से लाठियां किसे पड़ती हैं। ईरान ने अपने उस दल को इस्लामाबाद वार्ता के लिए भेजने से इंकार कर दिया जिसे अमेरिकर उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से समझौता वार्ता पर आगे बात करनी थी। ईरान का कहना है कि यदि इजराइल के हमले लगातार लेबनान पर जारी हैं तो शांति प्रस्ताव का कोई मतलब ही नहीं रह जाता। दरअसल पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका, दोनों से धोखा करते हुए अपनी तरफ से शर्तों में जोड़ घटाव कर समझौता कराने की कोशिश की जबकि न ईरान की शर्तें ऐसी थीं जो अमेरिका मान सके ओर न अमेरिकी शर्तें ईरान मान सकता है लेकिन शरीफ और मुनीर को तो दुनिया का चौधरी बनने की जल्दबाजी थी। सीजफायर की घोषणा होते ही पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ऐसे बता्रव करने लगे मानो अब पूरी दुनिया के ठेकेदार ये ही हों और इसी झोंक में उन्होंने ईरान और अमेरिका के साथ इजराइल को भी नसीहत देने की हिमाकत कर डाली। इससे इजराइल नाराज ही था कि बची कसर पाक के रक्षामंत्री आसिफ ने पूरी कर दी जिन्होंने इजराइल को लेकर जमकर भला बुरा कहा। इजराइल ने तुरंत पाकिस्तान को उसकी हैसियत याद दिलाते हुए कहा कि जो खुद आतंकी देश है, जिसे आतंक को पालने का बहुत शौक है कम से कम उसे तो हमें ज्ञान देने का कोई हक नहीं पहुंचता। उधर आसिम मुनीर को यह समझ आ गया कि आसिफ ने एक खतरनाक रास्ता अपना लिया है तो उन्होंने आसिफ से तुरंत वो सभी पोस्ट हटाने को कहा जो उन्होंने इजराइल के खिलाफ लिखी थीं लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। अब हालत यह है कि न तो अमेरिका पाकिस्तान से खुश है न ईरान और न ही सउदी अरब जैसे वो देश जिन पर पिछले दिनों ईरान ने हमले कर काफी नुकसान पहुंचाया। इजराइल तो खैर पाकिस्तान से बुरी तरह नाराज ही है। दरअसल अमेरिका का थोड़ा सा बढ़ावा मिलने पर पाकिसतानी इतना फूल गए कि वो इजराइल को कुछ कहने से पहले ये भी भूल गए कि ईरान पर हमला अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ही किया है। आसिफ मियां ने जो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और जिसे वो अब मिटाने में लगे हैं वह सब अब वायरल है और पाकिस्तान को यह भी याद रखना चाहिए कि इजराइल किसी को यदि आतंकी देश मानता है तो उसके साथ व्यवहार कैसे करता है।
