Sonia Gandhi से मांगे सरकार ने नेहरु वाले पत्र
“देश के हैं ये दस्तावेज़, किसी व्यक्ति विशेष के नहीं”
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री ने सोनिया गांधी से जवाहरलाल नेहरू से जुड़े वे पत्राचार और दस्तावेज देने को कहा है जो अभी सोनिया के पास हैं। शेखावत ने कहा कि जो राष्ट्र की संपत्ति सोनिया के पास है वह वापस दी जानी चाहिए। उन्होंने ये दस्तावेज प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय को वापस करने की मांग की है। शेखावत ने कहा कि ये पत्र “देश के हैं” और “किसी व्यक्ति विशेष संपत्ति नहीं हो सकते।” लगभग 26,000 दस्तावेज़ों से भरे 57 कार्टन सोनियया के पास हैं जिन्हें लौटाने को कहा गया है। जवाब में सोनिया गांधी ने कहा है कि वह इस मामले को देखेंगी। अप्रैल 2008 में गांधी की ओर से एक पत्र में कहा गया था कि वह नेहरू के सभी “निजी पारिवारिक पत्रों” और नोट्स को वापस लेना चाहती हैं। 1970 से 1990 तक, बीस वर्षों की अवधि में नेहरू से संबंधित सभी गैर-सरकारी दस्तावेज संग्रहालय में लाए गए। इनमें उनके द्वारा लोगों को लिखे गए निजी पत्र, प्राप्त उत्तर और उनकी व्यक्तिगत टिप्पणियाँ शामिल हैं। बाकी सभी प्रधानमंत्रियों के इसी प्रकार के दस्तावेज संग्रहालय में हैं और ऐसे 25 लाख दस्तावेज हैं, जिनमें से अकेले नेहरू से संबंधित करीब 4 लाख दस्तावेज़ हैं। अन्य प्रधानमंत्रियों के दस्तावेज़ स्थायी संपत्ति के रूप में संग्रहालय में रहते हैं, जबकि नेहरू के दस्तावेज़ केवल “सुरक्षित अभिरक्षण” के लिए रखे गए थे। इसी कारण यह निर्णय लिया गया कि परिवार द्वारा अनुरोधित कोई भी पत्र उन्हें लौटा दिए जाएंगे। नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी (एनएमएमएल) की स्थापना मई 1964 में नेहरू की मृत्यु के बाद अप्रैल 1966 में हुई थी। जून 2023 में इसका नाम बदलकर प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय सोसायटी कर दिया गया, ताकि भारत के सभी प्रधानमंत्रियों को सम्मानित किया जा सके।
