Rahul Gandhi की ब्रिटिश नागरिकता पर कोर्ट ने फाइल मांगी
इलाहाबाद हाइकोर्ट ने संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों से कागजात पेश करने को कहा अगली सुनवाई 19 मार्च को
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर लगाई गई एक याचिका पर पूरी फाइल को नागरिकता विभाग, विदेश विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार से तलब किया है। कोर्ट ने अगली तारीख 19 मार्च देते हुए इस बात पर गंभीरता से विचार किया कि क्या राहुल गांधी के खिलाफ धारा 318, 335, 340, 236, 237, 61, 148, 147, 152, 238, 336(3), 351 तथा आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 5 और 6 तथा पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 12 और 13 तथा विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 14(बी) और 14(सी) के तहत एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दी जानी चाहिए। यह याचिका भारतीय जनता पार्टी के एक सदस्य विघ्नेश शिशिर ने लगाई है और इसमें राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता होने का दावा करते हुए कहा गया है कि राहुल पर एफआईआर किए जाने की अनुमति अदालत को देनी चाहिए। याचिका में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि अब तक राहुल गांधी ने अपने निर्वाचन के शपथपत्रों में कभी भी इस बात का जिक्र नहीं किया है कि उनकी नागरिकता भारत की न होकर ब्रिटेन की है, यदि यह साबित होता है कि राहुल ने गलत शपथ पत्र देकर चुनाव लड़ा है तो बात उनकी संसद सदस्यता रद्द होने तक पहुंच सकती है। विघ्नेश का दावा है कि राहुल ब्रिटिश नागरिक हैं और उन्होंने जानबूझकर भारतीय चुनावों में इस बात को छुपाया है।
