Putin पहुंचे राजघाट, गार्ड ऑफ ऑनर और मोदी से मुलाकात
हमसे यूरेनियम खरीदने वाला भारत पर तेल न लेने का दबाव कैसे डाल सकता है, बोले पुतिन
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिवसीय भारत दौरे पर हैं और उनका यह दौरा न सिर्फ भारत‑रूस संबंधों के लिहाज से अहम है, बल्कि वैश्विक राजनीति में भी इस पर नजरें लगी हुई हैं. पुतिन को आज सुबह राष्ट्रपति भवन मेंऔपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. भारतीय सेना की तीनों शाखाओं ने उन्हें सलामी दी और इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद रहे. पुतिन के सम्मान में इस विशेष स्वागत पर पुतिन ने भारत के प्रति अपने विश्वास को दोहराया. उन्होंने कहा कि भारत और रूस की दोस्ती दशकों पुरानी है और मौजूदा वैश्विक तनावों का इस संबंध पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इसके बाद पुतिन राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी.
इससे पहले, भारत पहुंचते ही पुतिन ने अमेरिका की नीतियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने सवाल उठाया कि जब अमेरिका खुद रूस से तेल और न्यूक्लियर फ्यूल खरीदता है, तो भारत को रूस से तेल खरीदने पर क्यों रोका जा रहा है. पुतिन ने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ यह दिखाते हैं कि कुछ बड़ी ताकतें भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति से असहज हैं. उन्होंने कहा, “अगर अमेरिका को रूस से ईंधन खरीदने का अधिकार है, तो भारत को क्यों नहीं? यह दोहरा मापदंड है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.”
पुतिन ने यह भी कहा कि भारत‑रूस ऊर्जा साझेदारी बहुत पुरानी और मजबूत है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि यूक्रेन युद्ध या पश्चिमी प्रतिबंधों का इस सहयोग पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि वह खुद रूस से यूरेनियम खरीदता है, जबकि भारत को तेल खरीदने पर दबाव डालता है. पुतिन ने कहा कि वह इस मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बहस करने के लिए भी तैयार हैं. भारत और रूस के बीच इस यात्रा में रक्षा, ऊर्जा और व्यापार प्रमुख मुद्दे हैं. रूस पर पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण उसके व्यापारिक विकल्प सीमित हुए हैं, जबकि भारत पर अमेरिकी टैरिफ का असर पड़ा है. ऐसे में दोनों देश डॉलर‑मुक्त व्यापार तंत्र पर काम कर रहे हैं, जिसमें लेन‑देन स्थानीय मुद्राओं में होगा. पुतिन ने कहा कि वे भारत से आयात बढ़ाने के पक्ष में हैं ताकि व्यापार संतुलन सुधरे. तेल व्यापार भी इस यात्रा का बड़ा मुद्दा है. अमेरिकी टैरिफ के कारण भारत के लिए रूसी तेल महंगा हो गया है, लेकिन रूस भारत को रियायती दरों पर सप्लाई जारी रखने के लिए तैयार है. पुतिन के साथ आए प्रतिनिधिमंडल में रोजनेफ्ट और गैजप्रॉमनेफ्ट के अधिकारी भी शामिल हैं, जिससे संकेत मिलता है कि ऊर्जा क्षेत्र में बड़े समझौते हो सकते हैं. आज पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हैदराबाद हाउस में वार्ता होगी, जिसमें रक्षा सहयोग, परमाणु ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा होगी. शाम को पुतिन भारत‑रूस बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे और रात में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भोज में शामिल होंगे.
