March 29, 2026
देश दुनिया

Om Birla ने अविश्वास प्रस्ताव प्रक्रिया तक खुद को संसद से अलग किया

ऐसा कोई नियम नहीं कि लोकसभा अध्यक्ष अपने खिलाफ अविश्वास प्रसताव आने पर सदन में काम नहीं कर सकते लेकिन बिरला ने उदाहरण पेश किया

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बाद बिरला ने खुद को अध्यक्षीय कार्यों से अलग कर लिया है। कल विपक्ष के सांसदों ने अनुच्छेद 94(सी) के तहत लोकसभा सचिवालय को अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देते हुए आरोप लगाए थे कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पक्षपात करते हैं। मजे की बात तो यह भी है कि जो अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया गया था उसमें ऊपर तो तारीख सही डाली गई है लेकिन नीचे जहां बिदुवार कुछ तथ्य रखे गए हें उनमें तारीख 2026 की जगह 2025 की डली है। जैसे कहा गया है कि राहुल को 2 फरवरी 2025 को उनका भाषण पूरा नहीं करने दिया गया, यानी बात पिछले साल की बताई गई जबकि किताब विवाद में फरवरी 2026 में राहुल का भाषण नियमों का हवाला देकर पूरा करने से रोका गया था। इस तरह तथ्यात्मक रुप से गलत होने के चलते अविश्वास प्रस्ताव को स्वत; खरिज माना जाना चाहिए था लेकिन इन गलतियों को सुधारने का मौका देते हुए प्रसताव को फिर से भेजने के लिए विपक्ष से कहा गया है।