February 16, 2026
देश दुनिया

Notice मिला सोनिया गांधी को, मतदाता कैसे बनीं बताएं

सोनिया गांधी को कोर्ट का नोटिस, जब भारतीय नागरिक 1983 में बनीं तो 1980 में मतदाता कैसे बन गईं

दिल्ली की अदालत ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक पुराने मामले में नोटिस जारी किया है। यह नोटिस उस याचिका पर जारी हुआ है जिसमें आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम वर्ष 1980 की मतदाता सूची में शामिल था, जबकि उन्होंने भारतीय नागरिकता वर्ष 1983 में प्राप्त की थी। अदालत ने इस मामले में सोनिया गांधी और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 6 जनवरी 2026 को होगी। यह मामला एक पुनरीक्षण याचिका से जुड़ा है जिसमें आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज था, जबकि आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने भारतीय नागरिकता 30 अप्रैल 1983 को प्राप्त की थी। याचिका में सवाल उठाया गया है कि नागरिकता प्राप्त करने से तीन वर्ष पहले उनका नाम मतदाता सूची में कैसे शामिल किया गया। इससे पहले सितंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था। अदालत ने कहा था कि उपलब्ध सामग्री के आधार पर किसी आपराधिक मामले का आधार नहीं बनता। इसके बाद इस आदेश को चुनौती देते हुए पुनरीक्षण याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए सोनिया गांधी और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया और जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई में दोनों पक्षों के तर्कों को विस्तार से सुना जाएगा। याचिकाकर्ता का दावा है कि मतदाता सूची में नाम शामिल होना केवल भारतीय नागरिकों के लिए ही संभव है, इसलिए 1980 में नाम दर्ज होना गंभीर अनियमितता का संकेत है। उन्होंने इसे “कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन” बताते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वहीं, मजिस्ट्रेट कोर्ट के पिछले आदेश में कहा गया था कि याचिकाकर्ता के पास पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं जो किसी आपराधिक जांच को उचित ठहरा सकें। यह मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि सोनिया गांधी लंबे समय से कांग्रेस की शीर्ष नेतृत्व में रही हैं। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को उठाना शुरू कर दिया है।