Lokasabha में क्या वाकई महिला सांसद मोदी पर हमले की तैयारी में थीं
विपक्ष के हंगामे में महिला सांसदों को आगे किया गया था, प्रधानमंत्री पर हमले की संभावना देख बिरला ने मोदी को रोका था
लोकसभा में बुधवार को प्रधानमंत्री का राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलना संभव क्यों नहीं हुआ और आखिर ऐसा क्या हुआ कि बिना प्रधानमंत्री के वक्तव्य दिए ही धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया। इसे लेकर आज लोकसभा अध्यक्ष ने जो संकेत दिए हैं वो चौंकाने वाले हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ यदि कोई भी अप्रिय घटना घटित होती, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण होता और ऐसा होने से देश के लोकतांत्रिक ढांचे को नुकसान पहुंचाता। ओम बिरला ने बताया कि जब प्रधानमंत्री राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान जवाब देने वाले थे, तब उन्हें इस बारे में ठोस जानकारी मिली थी कि कांग्रेस सहित विपक्ष के कुछ सदस्य ‘कोई अप्रत्याशित कदम’ उठा सकते हैं। स्पीकर ने बताया कि किसी भी तरह की अनहोनी को रोकने के उद्देश्य से उन्होंने प्रधानमंत्री से सदन में न आने का अनुरोध किया था जो कि एहतियात के तौर पर लिया गया फैसला था, ताकि हालात बिगड़ने से पहले नियंत्रण पाया जा सके। अब सवाल यह है कि आखिर ऐसी कौन सी खतरनाक स्थिति के बारे में अध्यक्ष को जानकारी मिली जिसके चलते न सिर्फ प्रधानमंत्री का भाषण नहीं हो सका बल्कि उन्हें सदन में आने तक से रोकना पड़ा। इसे लेकर सूत्रों का कहना है कि महिला सांसदों को आगे कर विपक्ष ने हंगामा तो खड़ा कर ही दिया था और उन्हें वेल में जाने के लिए उकसाया भी गया था लेकिन यदि प्रधानमंत्री वहां पहुंचते तो इन्हीं महिला सांसदों के जरिए बड़ी विकट स्थति खड़ी करने की योजना थी और यहां तक कि प्रधानमंत्री से धक्कामुक्की तक किए जाने की संभावना बन रही थी। इसी को लेकर अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री को सदन में न आने का सुझाव दिया। वैसे अध्यक्ष बिरला ने साफ साफ नहीं बताया है कि उन्हें क्या जानकारियां दी गईं लेकिन जो संकेत हैं वे साफ हैं कि मामला साजश का था और यदि प्रधानमंत्री सदन में पहुंचते तो कुछ बड़ा होने की संभावना थी। यदि वाकई ऐसी साजिश रची गई थी और महिला सांसदों को ऐसी गड़बड़ी करने के लिए विशेष रुप से तैयार किया गया था तो इस बात की पूरी जांच बेहद जरुरी है कि आखिर वे कौन लोग हैं जो संसद की गरिमा का बार बार ध्यान दिलाने पर भी अध्यक्ष की नहीं सुनते हैं और जिनकी साजिश के चलते प्रधानमंत्री लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब तक नहीं दे पाते हैं। 22 साल में बाद ऐसा हुआ है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बिना प्रधानमंत्री के जवाब के धन्यवाद प्रस्ताव लोकसभा में पास हुआ है। लोकसभा अध्यक्ष के अलावा बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने भी वेल में आ कर विरोध प्रदर्शन कर रही महिला सांसदों के व्यवहार और प्रधानमंत्री की कुर्सी के आसपास जमावड़े की कोशिश पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सब तयशुदा तरीके से हो रहा था और ऐसे में प्रधानमंत्री पर शारीरिक हमला तक होने की संभावना थी।
