Kirti Azad को भारतीय टीम की ट्रॉफी से भी तकलीफ
तृणमूल सांसद कीर्ति आजाद बोले हनुमान मंदिर ट्रॉफी लेकर जाना गलत
ममता बनर्जी की पार्टी के सांसद बन चुके और पहले कभी क्रिकेटर रहे कीर्ति आजाद ने टी ट्वेंटी वर्ल्ड कप की जीत में भी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अपने वोटबैंक की राजनीति तलाश ली है। कीर्ति आजाद को इस बात पर सख्त आपत्ति है कि जीत के बाद जय शाह के साथ गई क्रिकेट टीम ने ट्रॉफी हनुमान मंदिर ले जाना क्यों पसंद किया। कीर्ति कह रहे हैं कि ट्रॉफी यदि मंदिर में ले जाई जा सकती थी तो उसे मस्जिद(या गुरुद्वारा या चर्च) में भी ले जाया जाना चाहिए था। 1983 में भारतीय टीम के वर्ल्ड कप जीतने से तुलना करते हुए कीर्ति कहते घूम रहे हैं कि हम तो अपनी ट्रॉफी कहीं नहीं ले गए थे और हम मान रहे थे कि यह सभी की ट्रॉफी है लेकिन जय शाह ने इसे हनुमान मंदिर में ले जाकर अलग ही संदेश दे दिया है। वैसे यह पहली बार नहीं है जब कीर्ति आजादऐसे विवाद खड़े करने की कोशिश कर रहे हैं बल्कि वो हमेशा चर्चा में बने रहने के लिए ऐसी हरकतें करते रहते हैं। भाजपा से उनकी विदाई भी ऐसी ही बातें करने के चलते हुई थी और फिर जबसे उन्हें तृणमूल कांग्रेस से सांसद बनने का मौका मिला है तब से उन्हें हर बात में ऐसी ही दिक्कत होती रहती है भले वह भारतीय टीम की जीत की खुशी का ही मौका क्यों न हो।
