February 18, 2026
देश दुनिया

Indi Alliance को नया नेतृत्व खोजना चाहिए-सामना

इंडी गठबंधन के घटक आपस में उलझ रहे इसलिए हो रहा नुकसान- उद्धव की पार्टी के मुखपत्र का लेख

उद्धव ठाकरे को अब इंडी गठबंधन में रहना भारी पड़ने लगा है और इसी के चलते उनकी वाली शिवसेना के मुखपत्र सामना ने कहा है कि इंडी अब चौराहे पर खड़ा है जहां उसे जल्द तय करना होगा कि नेतृत्व कौन करे। सामना में इंडी को लेकर कहा गया है कि अब इस गठबंधन में मतभेद ही नहीं बल्कि आपसी लड़ाई भी बढ़ रही है और इससे आने वाले कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाएंगे। इसे ‘फ्रेंडली फायर’ से होने वाला नुकसान बताते हुए उद्धव की पार्टी का रुख साफ किया गया है। माना जा रहा है कि यह सीधे सीधे इस बात से इंकार करने का पहला कदम है कि कांग्रेस ही इंडी गठबंधन को लीड करे। यही बात दूसरे गठबंधन दलों से सामने आ रही है कि कांग्रेस में खासतौर पर राहुल की लीडरशिप के चलते इंडी को नुकसान हो रहा है और इससे बचना है तो नेतृत्व का कोई दूसरा चेहरा तय किया जाना चाहिए। सामना में पश्चिम बंगाल में तृणमूल और कांग्रेस के आमने-सामने चुनाव लड़ने की संभावना और केरल में लेफ्ट व कांग्रेस के टकराव का जिक्र करते हुए कहा गया है कि ठीक ऐसे ही महाराष्ट्र में इंडी घटकों के विभाजन से महायुति को फायदा हुआ है। गठबंधन को नेतृत्व के लिए जो नाम सामना में सुझाए गए हैं उनमें ममता और स्टालिन का खासतौर पर जिक्र है।