Bhojshala मामले में एएसआई की रिपोर्ट, मंदिर ही था
एएसआई रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने मांगी आपत्तियां, अगली सुनवाई 16 मार्च को
धार की भोजशाला को लेकर लंबे समय से चल रहे केस में एक महत्वपूर्ण मोड़ यह आ गया है कि एएसआई की रिपोर्ट ने माना है यहां मंदिर ही था और इसके सबूतों में 1700 से ज्यादा कलाकृतियां मिली हैं। इंदौर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच की सुनवाई में लगभग सौ दिन के अपने सर्वे की रिपोर्ट को एएसआई ने दस खंड में 2089 पन्नों की रिपोर्ट पेश करते हुए बताया है कि भगवान शिव, विष्णु, गणेश, वासुकी नाग सहित कई प्राचीन मूर्तियों और शिल्पों के साथ 1700 से अधिक ऐसी कलाकृतियां मिली हैं जो बताती हैं कि यहां पहले मंदिर ही था। मूर्तियां, स्तंभ, दीवारें और भित्ति चित्र आदि के भी वैज्ञानिक सर्वे पेश करते हुए बताया गया है कि 94 मूर्तियां या मूर्तिकला के हिस्से ऐसे हैं जिनमें ब्रह्मा, नरसिंह, भैरव आदि हैं। कई हिस्सों पर संस्कृत और नागरी लिपि के 12वीं से 16वीं सदी के शिलालेख भी मिले हैं। अदालत ने एएसआई रिपोर्ट पर सभी पक्षों को दो हफ्तों में आपत्तियां और सुझाव दाखिल देने को कहा है। रिपोर्ट पहले ही उपलब्ध है लेकिन अब तक कोई आपत्ति न आने पर कोर्ट ने दो हफ्तों का समय दे दिया है। अब मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च 2026 को होनी है।
