February 11, 2026
देश दुनिया

23 जनवरी से पहले जापान से लाएं नेताजी के अवशेष

कर्तव्य पथ पर नेताजी के सम्मान में एक स्मारक भी बने- चंद्र कुमार बोस
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 23 जनवरी को आती है और अगले साल यानी 2025 की नेताजी के जयंती से पहले उनके परिवार वाले उनके अवशेषों को भारत में देखना चाहते हैं. नेताजी के परपोते चंद्र कुमार बोस ने प्रधानमंत्रीको पत्र लिखकर आग्रह किया कि है जापान के रैंकोजी मंदिर में रखे नेताजी के अस्थि कलश को अगले दो महीने में भारत लाने की कोशिश की जानी चाहिए क्योंकि देश के ऐसे सपूत के अवशेष विदेश में रखे होना नेताजी के अपमान जैसा ही है.

दरअसल जापान के रैंकोजी मंदिर में रखे अस्थि कलश को लेकर कहा जाता है कि वह नेताजी के ही अंतिम अवशेष हैं. चूंकि नेताजी की मृत्यु को लेकर अब तक संशय बना हुआ है और बहुत से लोगों का मानना है कि जिस हवाई दुर्घटना में नेताजी के मारे जाने की बात कही जाती है वह सही नहीं है यानी उसके बाद भी नेताजी जीवित थे. चंद्र कुमार बोस ने कहा है कि कर्तव्य पथ पर नेताजी के सम्मान में एक स्मारक भी बनाया जाना चाहिए. नेताजी के परपोते चंद्र का कहना है कि भारत सरकार ने नेताजी से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करने जैसा कदम उठाया यह सराहनीय है लेकिन अब सरकार को अंतिम बयान जारी कर बताना चाहिए कि नेताजी की मृत्यु के बारे में वह क्या सोचती है ताकि उनके बारे में फैलाई जा रही झूठी धारणाएं खत्म हों.