Manoj Bajpayi ने मांगी ‘घूसखोर पंडत’ के लिए माफी
लखनऊ के हजरगंज थाने में इस सीरिज के खिलाफ कराई गई है एफआईआर
आगामी वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडत’ के निर्माताओं के खिलाफ लखनऊ में एफआईआर दर्ज की गई है. आरोप है कि सीरीज का नाम और इसकी सामग्री सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने और धार्मिक व जातिगत भावनाओं को ठेस पहुंचाती है. नेटफ्लिक्स से भी इस संबंध में जानकारी मांगी गई है.वेब सीरीज के शीर्षक में ‘घूसखोर’ शब्द के साथ ‘पंडत’ (पंडित) जोड़ने को लेकर ब्राह्मण समाज ने तीखी आपत्ति जताई है. विरोध करने वालों का तर्क है कि ‘पंडित’ शब्द विद्वत्ता और सम्मान का प्रतीक है, जिसे भ्रष्टाचार के साथ जोड़ना अपमानजनक है. विवाद बढ़ता देख सीरीज के मुख्य अभिनेता मनोज बाजपेयी और निर्माता नीरज पांडे ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी सफाई पेश की है. मनोज बाजपेयी ने इस मामले में कहा कि यह फिल्म किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है. मेरा उद्देश्य केवल एक दोषपूर्ण व्यक्ति की कहानी दिखाना था, न कि जातिगत टिप्पणी करना. वहीं इसके निर्देशक नीरज पांडे ने कहा कि ‘पंडत’ शब्द काल्पनिक चरित्र के उपनाम की तरह से इस्तेमाल किया गया है, ऐसे में किसी भी की भावनाओं को ठेस पहुंचने के लिए मैं माफी मांगता हूं और भरोसा दिलाता हूं कि सीरीज का सारा प्रमोशनल कंटेंट हटा लिया गया है. इस मामले से जुड़ी एक याचिका पर अदालती कार्रवाई भी तेज होने की संभावना है.
