Warren Buffet ने लिया रिटायरमेंट
निवेश जगत के एक युग का अंत
दुनिया के सबसे बड़े और सफल निवेशक माने जाने वाले वॉरेन बफेट आज, 31 दिसंबर 2025 को औपचारिक रूप से रिटायर हो रहे हैं। लगभग छह दशकों तक उन्होंने बर्कशायर हैथवे के चेयरमैन और सीईओ के रूप में नेतृत्व किया और इस दौरान कंपनी को एक साधारण टेक्सटाइल मिल से बदलकर 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक मूल्य वाली वैश्विक कंपनी बना दिया। बफेट, जो इस वर्ष 95 वर्ष के हो गए, ने 1965 में बर्कशायर का नियंत्रण संभाला था। उस समय कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से टेक्सटाइल तक सीमित था। लेकिन बफेट ने अपनी दूरदर्शी सोच और निवेश की अनोखी रणनीति से धीरे‑धीरे टेक्सटाइल से पूंजी हटाकर बीमा, रेल, ऊर्जा, उपभोक्ता ब्रांड और शेयर बाजार में निवेश किया। उनकी वैल्यू इन्वेस्टिंग फिलॉसफी और दीर्घकालिक दृष्टिकोण ने शेयरधारकों को अभूतपूर्व रिटर्न दिलाया और उन्हें दुनिया का सबसे सफल निवेशक बना दिया। बफेट की निवेश शैली हमेशा सरलता और पारदर्शिता पर आधारित रही। उन्होंने बार‑बार कहा कि “अगर आप किसी बिजनेस को सरल शब्दों में समझा नहीं सकते, तो उसमें निवेश मत कीजिए।” यही सोच उन्हें बाकी निवेशकों से अलग बनाती रही। उनकी रणनीति ने न केवल बर्कशायर हैथवे को ऊंचाइयों पर पहुंचाया बल्कि निवेशकों को भी स्थिर और भरोसेमंद लाभ दिलाया। आज उनके रिटायरमेंट के साथ ही कॉर्पोरेट जगत के एक ऐतिहासिक अध्याय का अंत हो रहा है। बर्कशायर हैथवे का नेतृत्व अब ग्रेग एबेल संभालेंगे, जिन्हें बफेट ने पहले ही अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था। एबेल लंबे समय से कंपनी के ऊर्जा कारोबार से जुड़े रहे हैं और उन्हें बफेट की सोच और मूल्यों को आगे बढ़ाने वाला नेता माना जा रहा है। बफेट की विरासत केवल निवेश तक सीमित नहीं है। उन्होंने 2006 से अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा दान करने का संकल्प लिया और अब तक अरबों डॉलर परोपकार में दिए हैं। उनका मानना रहा कि धन का सर्वोत्तम उपयोग समाज की भलाई में होना चाहिए। यही कारण है कि वे न केवल निवेशकों के लिए बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणा बने।
