Pax Silica में शामिल हुआ भारत
रेयर अर्थ मिनरल्स को लेकर चीन के दबदबे को तोड़ने व तकनीक साझा करने की दियाा में बड़ा कदम
भारत आखिर उस ‘पैक्स सिलिका’ वाले देशों में शामिल हो ही गया जिसमें रेयर अर्थ मिनरल साझा करते हुए चीन का दबदबा कम करने का समझौता है। एआई इम्पैक्ट समिट के बीच भारत-अमेरिका ने इसके मसौदे पर हस्ताक्षर किए। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत के इस समझणैते में शामिल होने को एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के रिश्तों को नए रास्ते खुलेंगे। ‘पैक्स सिलिका’ के तहत तकनीकी सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाते हुए रेयर अर्थ मिनरल्स पर साझा काम किया जाना है। दो महीने पहले पैक्स सिलिका समिट से शुरु हुए इस नए संघ में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, यूके, इजराइल, कतर और सिंगापुर है। अभी रेयर अर्थ मिनरल को लेकर पूरी दुनिया की चीन पर काफी निर्भरता है और इसी को कम करने के उद्देश्य से पैक्स सिलिका की अवधारणा सामने आई है। चीन की सेमीकंडक्टर उत्पादन में अभी मौजूद बढ़त पर भी इससे रोक लगेगी। चीन ने पिछले कुछ समय में जिस तरह तेवर दिखाए थे उसे लेकर महसूस किया गया कि चीन पर निर्भरता भविष्य में भारी दबाव पैदा कर सकती है। भारत के लिए यह साझेदारी काफी मायने रखती है क्योंकि इससे भारत को आधुनिकतम एआई चिप्स, डाटा सेंटर और अनुसंधान सहयोग मिल सकेगा। भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को भी इससे गति मिलेगी, इसके अलावा डिजिटल क्रांति, 5जी तकनीक और क्लाउड सेवाओं में भी बढ़त हासिल होगी। साइबर इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती के लिहाज से भी यह काफी अहम है।
