April 9, 2026
Business Trends

Car Bazar में ज्यादा पसंद आ रहीं भारत की देसी कारें

हुंडई लगातार पिछड़ रही और अब चौथे नंबर पर पहुंची, पहले पर मारुति, दूसरे पर महिंद्रा और तीसरे नंबर पर टाटा का मार्केट शेयर

भारत के कार बाजार में देश की बनी कारों ने ऐसा दम भरा है कि विदेशी खासतौर पर यूरोपीय, कोरियाई और अमेरिकी दिग्गज कार कंपनियां पिछड़ती दिख रही हैं। पिछले पांच साल में यह ट्रेंड साफ होता जा रहा है कि भारतीय ग्राहक देशी और मारुति को जोड़ें तो कह सकते हें एशियाई ब्रांड्स पर ज्यादा भरोसा कर रहे हैं। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के आंकड़े बता रहे हैं कि टाटा और महिंद्रा की कार बाजार में मिलीजुली हिस्सेदारी 27 प्रतिशत तक पहुंच गई है। हालांकि जापानी कंपनी सुजुकी जरुर मारुति के साथ लगभग चालीस प्रतिशत बाजार पर कब्जा किए हुए है और अव्वल है लेकिन महिंद्रा और टाटा 13-13 प्रतिशत से ज्यादा के बाजार पर पहुंच बना चुके हैं। जबकि हुंडई या किया जैसी कंपनियां की सेल में गिरावट देखी जा रही है। महिंद्रा ने तो पिछले चार साल में अपना मार्केट शेयर 6.8 से दोगुना कर लिया है और बाजार के 13.4 प्रतिशत हिस्से पर सिक्का जमाया है। टाटा मोटर्स भी 13 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ ज्यादा पीछे नहीं है। हुंडई 16.3 से घटकर 12.3 प्रतिशत मार्केट शेयर पर रह गई है। यूरोपीय ब्रांड्स की हिस्सेदारी कभी छह प्रतिशत से ज्यादा थी जो अब 4.3 प्रतिशत रह गई है। एमजी और बीवाईडी जैसे चीनी ब्रांड्स हिस्सेदारी बढ़ाकर शून्य से 1.5 प्रतिशत ले आए हैं। भारतीय कंपनियां ग्राहकों की बदलती पसंद पर जोर देकर अपनी जगह मजबूत करती गईं जबकि विदेशी कंपनियां बदलाव समझने में देर कर गईं जिसका फायदा भारतीय कंपनियों को हुआ। डीलर नेटवर्क का बेहतर होना भी मारुति, महिंद्रा और टाटा के लिए फायदे का सौदा रहा।