Iran के सुप्रीम लीडर खोमैनी के मारे जाने का दावा ट्रंप ने दोहराया
पहले नेतन्याहू ने दावा कियाय था कि खोमैनी मारा गया, सड़कों पर जश्न मना रहे ईरानी
ईरान पर अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों के 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि ईरान के सुप्रीम कमांडर खोमैनी की मौत की खबर आ गई है। पहले नेतन्याहू ने दावा किया कि खोमैनी मारा गया है और इसके तुरंत बाद ट्रंप ने भी इसी आशय का सोशल मीडिया पर संदेश डाला। ट्रंप ने खोमैनी को इतिहास के सबसे बुरे इंसान की तरह बताते हुए कहा है कि उसकी मौत से ईरान के उन लोगों को तो न्याय मिला ही है जिन पर खोमैनी ने अत्याचार किए बल्कि इससे दुनिया भर के लोगों को न्याय मिला है। कई ईरानी लोगों को सुप्रीम लीडर के मारे जाने की खबर पर सड़कों पर जश्न मनाते भी देखा गया है। बताया तो यह भी जा रहा है कि खोमैनी के बेटी और दामाद की भी इन हमलों में मौत हो गई है। सबसे पहले इजराइली अखबार द जेरूसलम पोस्ट ने बताया था कि तेहरान पर हुए हवाई हमले में खोमैनी मारा गया। ट्रंप ने लिखा कि वह (खोमैनी)अमेरिकी खुफिया तंत्र और अत्याधुनिक ट्रैकिंग से बच नहीं पाया। ट्रंप का यह भी दावा है कि अब ईरान की सेना में अधिकांश लोग लड़ना छोड़कर अमेरिका से सुरक्षा मांग रहे हैं। अपने संदेश में ट्रंप ने ईरानी जनता से कहा है कि अब उसे देश की बागडोर को फिर से हाथ में ले लेना चाहिए। शनिवार को शुरु किए गए हमलों के बाद ईरान ने हर उस पड़ोसी देश में निशाना लगाने की कोशिश की थी जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं। यहां तक कि दुबई से लेकर यूएई तक हमले किए गए। इजराइल में भी ईरानी मिसाइलों से कुछ नुकसान की खबरें आ रही हैं, हालांकि इसमें किसी की जान जाने की बात नहीं सामने आई है। फिलहाल अमेरिका बमबारी का अभियान जारी रखने की बात कह रहा है। ईरान ने पहले तो नेतन्याहू के दावे का खंडन करते हुए कहा था कि राष्ट्रपति और सुप्रीम लीडर सुरक्षित हैं लेकिन ट्रंप ने भी इसी आशय की बात कही है तो ईरान ने अब तक न इसकी पुष्टि की है और न ही इससे इंकार ही किया है।
