Kharge के बेटे को पसंद नहीं आया सावरकर को भारत रत्न वाला सुझाव
गलत तथ्य रखते हुए प्रियंक ने कहा कि सावरकर ने तो भारत के खिलाफ काम किया
कांग्रेस अध्यक्ष के बेटे और कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने सावरकर को भारत रत्न देने की मांग पर कहा कि भारत के विरुद्ध काम करने वाले को भारत रत्न क्यों दिया जाना चाहिए। सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में प्रियंक ने सावरकर पर सवाल उठाए। प्रियंक की यह टिप्पणी आरएसएस प्रमुख भागवत के बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि सावरकर को भारत रत्न देने से इस सम्मान की प्रतिष्ठा बढ़ेगी। हालांकि खड़गे ने कई गलत तथ्यों के आधार पर अपनी भड़ास निकाली है जिसमें उन्होंने यह भी कहा कि सेलुलर जेल की 698 कोठरियों में 33 वर्षों में 80,000 कैदी रहे लेकिन कुछ ने ही दया याचिकाएं लिखीं जबकि हकीकत यह है कि लगभग हर कैदी से ऐसी याचिका ली जाती थी और इसमें कई बड़े नाम वो भी शामिल हैं जिन्हें सावरकर के सामने रखकर कांग्रेस हीरो बताती है। खड़गे ने यह भी सवाल उठाया कि सावरकर को ब्रिटिश पेंशन क्यों दी गई जबकि इसका भी सच सुनना कांग्रेस के लिए कड़वा ही साबित होगा। खड़गे ने हिंदू महासभा में सावरकर की भूमिका पर भी सवाल उठाए। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने नए क्षितिज व्याख्यान श्रृंखला में कहा था कि वे भारत रत्न का निर्णय लेने वाली समिति में नहीं हैं लेकिन मौका मिला तो यह जरुर कहेंगे कि सावरकर को भारत रत्न दिया जाए तो यह सम्मान खुद सम्मानित होगा।
