Opposition ले ही आया बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
प्रस्ताव में कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ने विपक्ष की आवाज को दबाया और पक्षपात किया
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ आखिर विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव ला ही दिया। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने इस प्रस्ताव के बारे में बताया कि अनुच्छेद 94(सी) के तहत लोकसभा सचिवालय को इस अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया गया है। नोटिस पर कांग्रेस, डीएमके और सपा समेत 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं लेकिन ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने इस प्रस्ताव का हिस्सा बनने से मना कर दिया है। विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव देते हुए आरोप लगाए हैं कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला विपक्षी सांसदों को जनहित मुद्दे नहीं उठाने देते और पक्ष व विपक्ष को लेकर पक्षपात करते हैं। आठ सांसदों को निलंबित करने वाला मुद्दा भी इसमें जोड़ा गया है। विपक्षी नेताओं को बोलने की अनुमति नहीं देने को विपक्ष ने मौलिक अधिकारों का हनन बताते हुए कहा है कि अध्यक्ष को निष्पक्ष होना चाहिए लेकिन बिरला के व्यवहार से ऐसा नहीं लगता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकसभा में संबोधन धन्यवाद प्रस्ताव पर संबोधन होना था इसे टालते हुए जो बातें लोकसभा अध्यक्ष ने बोली थीं वह भी विपक्ष ने खासतौर पर रखी हैं। अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए संबोधन रद्द करने का फैसला लेने की बात कही थी जिसे विपक्ष ने खारिज कर पक्षपाती रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। स्पीकर के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पास होने की संभावना नगण्य है क्योंकि सरकार के पास हाउस में पर्याप्त संख्याबल है लेकिन इस प्रसताव से राजनीतिक टकराव की स्थिति जरुर बढ़ गई है।
