February 11, 2026
लाइफस्टाइल

China घटती जन्मदर से परेशान, अब ज्यादा बच्चों के लिए बना रहा दबाव

चीन ने बदली जनसंख्या नीति अब नागरिकों से कह रहे ज्यादा बच्चे पैदा करें
ज्यादा समय नहीं हुआ जब चीन सख्त वन चाइल्ड पॉलिसी अपनाए हुए था और किसी के दो बच्चे हो जाना किसी गुनाह से कम नहीं माना जाता था लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं। 1979 में लागू की गई वन चाइल्ड पॉलिसी से ठीक उलट अब चीन की सरकार ज्यादा बच्चे पैदा करने की नीति को प्रोत्साहन दे रही है। कहां तो चार दशकों तक एक ही बच्चे की नीति के चलते लाखों महिलाओं का जबरन गर्भपात कराया गया और बिना इच्छा के भी नसबंदी की गईं और अब चीन की सरकार महिलाओं से अधिक बच्चे पैदा करने को कह रही है। दरअसल चीन में जनवरी 2025 में जन्म दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर है। 2025 में चीन में केवल 7.92 मिलियन बच्चे जन्मे जबकि 2024 में यह संख्या 9.54 मिलियन थी। यानी एक ही साल में 17 प्रतिशत की जन्मदर की गिरावट। चीन में अब जन्म दर अब 5.63 प्रति 1,000 व्यक्ति रह गई है और पिछले आठ दशक में चीन की जन्म दर इतनी कम नहीं रही, जाहिर है इसका असर चीन की अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। यह भविष्य देखते हुए ही चीन सरकार ने 2016 में चीन ने वन चाइल्ड पॉलिसी खत्म कर दी थी और अब सरकार चाहती है कि हर दंपत्ति तीन बच्चे तक पैदा करें। सरकार के इस दबाव का ज्यादा असर महिलाओं पर है। चीन में लिंगानुपात भी बिगड़ रहा है और ऐसे में सरकार के सामने दोहरी चुनौती है जिससे सरकार दबाव की नीति से निपटना चाहती है। चीन में युवा पीढ़ी बढ़ती महंगाई, करियर और कई दूसरी वजहों से बच्चे पैदा करने से बचना चाहती है। उनके लिए परिवार बढ़ाना केवल सामाजिक दबाव का विषय नहीं बल्कि जीवनशैली और आर्थिक स्थिरता से जुड़ा बड़ा निर्णय है। यूं भी दशकों तक एक बच्चे की नीति ने छोटे परिवारों की आदत ऐसी बना दी है कि जोड़े एक बच्चे की ही अच्छी परवरिश को चुनौतीपूर्ण मानते हैं। महिलाओं की घटती संख्या,लिंग अनुपात में असंतुलन और बढ़ती उम्र के कारण सरकार की अपील का असर भी कोई असरकारी नहीं हो रहा है।