February 11, 2026
देश दुनिया

Whatsapp, Meta से सुप्रीम कोर्ट ने कहा, नियम मानो या देश छोड़ दो

प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर मेटा पर 213 करोड़ के जुर्माने को लेकर सुनवाई में सख्त रुख अपनाते हुए कहा सुप्रीम कोर्ट ने
सुप्रीम कोर्ट ने व्हाट्सएप की 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी पर मेटा को चेतावनी देते हुए यहां तक कह दिया कि यदि वे भारत के नियम नहीं मानना चाहते तो उन्हें देश छोड़ देना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि तकनीकी कंपनियां भारत में रहकर नागरिकों की निजता से खिलवाड़ नहीं कर सकतीं,यह नागरिकों के अधिकारों का मामला है। व्हाट्सएप पर विवादित प्राइवेसी पॉलिसी मामले में प्रतिस्पर्धा आयोग के लगाए 213 करोड़ का जुर्माना लगाया था, इसे एनक्लेट में चुनौती दी गई तो वहां से भी मेटा को राहत नहीं मिली आखिर मेटा और व्हाट्सएप ने सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने इसी सुनवाई के दौरान मेटा को चेतावनी देते हुए उसे देश के कानून का पालन करने की नसीहत दी। मामले की गंभीरता के चलते इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भी पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है। अदालत ने मेटा को चेतावनी दी कि या तो वे डाटा शेयर न करने का लिखित आश्वासन दें या 9 फरवरी को इस मामले में अंतरिम आदेश का पूरी तरह पालन करने को तैयार रहें। व्हाट्सएप की प्राइवेसी पॉलिसी की भाषा पर गंभीर सवाल उठाते हुए कोर्ट ने कहा कि निजता का अधिकार महत्वपूर्ण है और कंपनियां इसका उल्लंघन नहीं करें तो ही बेहतर। कोर्ट ने यह भी कहा कि आप डाटा शेयरिंग के बहाने देश की प्राइवेसी के साथ नहीं खिलवाड़ नहीं कर सकते। आपकी प्राइवेसी शर्तें शातिर तरीके से तैयार की गई हैं जबकि यह निजी जानकारी चोरी करने का एक ‘सभ्य तरीका’ है, हम लोगों की निजता से खेल तो होने नहीं देंगे। इसी क्रम में कहा गया कि अगर कंपनियां भारतीय संविधान का पालन नहीं कर सकतीं, तो उन्हें भारत छोड़ ही देना चाहिए।