Budget 2026 अमेरिकी नीतियों चलते बदले बजट के प्रावधान
रेयर अर्थ मिनरल्स से लेकर सेमी कंडक्टर मिशन तक पर फोकस
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करते हुए इसका फोकस इस तरह से ही रखा जिससे अमेरिकी नीतियों से निपटने में आसानी रहे। 2026-27 के इस बजट में उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में सरकार ने आर्थिक स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन और मध्यम मुद्रास्फीति के बीच संतुलन बना हुआ है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत सतत विकास की राह पर है। वित्तमंत्री ने सरकार ने दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधार बढ़ाते हुए सार्वजनिक निवेश पर जोर दिया है। आत्मनिर्भर भारत को मार्गदर्शक सिद्धांत मानकर घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ाने, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और आयात पर निर्भरता घटाने के कदम उठाने वाले प्रावधान उन्होंने बजट में रखे।
वित्त मंत्री ने रोजगार सृजन, कृषि उत्पादकता में सुधार और परिवारों की क्रय शक्ति बढ़ाने के उपायों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की विकास दर लगभग 7 प्रतिशत रही है और गरीबी में कमी हुई है। बजट पेश करने से पहले वित्तमंत्री ने राष्ट्रपति को बजट की प्रति सौंपी। इसके बाद वह पारंपरिक कांजीवरम साड़ी और हाथ में डिजिटल टैबलेट लेकर संसद पहुँचीं। बजट में बुनियादी ढाँचे पर विशेष ध्यान दिया गया है। छह हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है, जिनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बंगलूरू, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी मार्ग शामिल हैं। इसके अलावा अगले पाँच वर्षों में 20 नए जलमार्ग शुरू होंगे। वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएँ स्थापित होंगी तथा समुद्री विमान वीजीएफ योजना की शुरुआत होगी। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की विकास निधि का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही भारत को वैश्विक बायो-फार्मा हब बनाने के लिए अगले पाँच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। तकनीकी क्षेत्र में सेमीकंडक्टर मिशन को आगे बढ़ाने के लिए उद्योग आधारित प्रशिक्षण केंद्रों पर जोर दिया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्यूफैक्चरिंग स्कीम के तहत लक्ष्य से दोगुना सफलता हासिल की जा चुकी है और अब 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। रेयर अर्थ खनिजों के लिए ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे।बजट 2026 को सरकार ने विकास, आत्मनिर्भरता और आम जनता की सुविधा को केंद्र में रखकर तैयार किया है।
