Pakistan पैसे पैसे को मोहताज, शर्मिंदा हूं-शाहबाज
आर्थिक बदहाली पर शहबाज बोले, सिर झुका रहता है
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने सार्वजनिक मंच से देश की आर्थिक बदहाली पर कहा कि पाकिस्तान विदेशी वित्तीय सहायता और बेलआउट पैकेजों पर जिस तरह निर्भर है वह वाकई शर्मिंदगी का मसला है। उन्होंने कहा कि लगातार कर्ज लेने के चलते पाकिस्तान की छवि दुनिया के सामने बुरी तरह खराब हुई है। शरीफ ने कहा कि हम कर्ज मांगने के लिए हर दोस्त मुल्क के पास दरखास्त देते हैं और वे पैसा दे भी दें तो उनकी शर्तें माननी पड़ती हैं। शरीफ ने यह भी कहा कि कर्ज देने वालों के सामने हमारा सिर हमेशा झुका रहता है। शरीफ ने कहा कि जब हम आर्थिक मदद मांगते हैं तो हमें आत्मसम्मान से समझौता करना पड़ता है। कई बार कर्ज देने वालों की शर्तें इतनी कठोर होती हैं कि उन्हें निभाना नामुमकिन हो जाता है। पाकिस्तान पर आईएमएफ, विश्व बैंक के साथ-साथ चीन और सऊदी अरब जैसे देशों का भारी कर्ज है। दिसंबर 2025 तक पाकिस्तान पर विदेशी ऋण लगभग 52.366 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक चढ़ चुका है। लगातार बढ़ते आयात, घटते निर्यात और विदेशी मुद्रा भंडार की कमी ने हालात को और बिगाड़ा है। प्रधानमंत्री शरीफ का यह बयान पाकिस्तानियों के लिए चेतावनी भी है। उन्होंने माना कि कर्ज पर निर्भरता ने पाकिस्तान की स्वतंत्र आर्थिक नीति बनाने की क्षमता को कम कर दिया है।
