Iran में पिछले 72 घंटों में 5000 के मरने की खबरें
एजेंसियों ने कहा ईरान में विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या 500 पार
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों का यह तीसरा सप्ताह है और हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि मरने वालों की संख्या एजेंसियों के मुताबिक 500 से ज्यादा बताई गई है जबकि अपुष्ट खबरों में इस आंकड़े को दस गुना ज्यादा बताया जा रहा है। अमेरिकी मानवाधिकार एजेंसी ने यह संख्या 538 बताई है। इन मरने वालों में 490 प्रदर्शनकारी और 48 सुरक्षा बलों के जवान हैं। इसी एजेंसी ने यह भी बताया है कि अब तक गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या भी दस हजार को पार कर चुकी है। राजधानी तेहरान ह नहीं लगभग सभी बड़े शहरों से हिंसक झड़पों की खबरें आ रही हैं। सुरक्षा बलों को लगातार गोलियों का इस्तेमाल करते हुए देखा जा रहा है। बीबीसी ने तेहरान के पास एक मुर्दाघर में 180 शवों की गिनती की और इससे समझा जा सकता है कि हालात कितने भयावह बन गए हैं। कई इलाकों में सड़कों पर खून बिखरा पड़ा है और शवों को ट्रकों में भरकर ले जाया जा रहा है। प्रदर्शनों के ये हालात तब हैं जबकि इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर रोक हैं और सरकार खुद भी कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं दे रही है। इस बीच ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह ईरान पर सैन्य कार्रवाई, साइबर हमले, प्रतिबंधों का विस्तार और ईरानी विपक्ष को समर्थन देने जैसे कदम उठा सकते हैं। वहीं ईरान ने कहा है कि उस पर हमले की स्थिति में वह जमकर पलटवार करेगा। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने इस संकट के लिए इजरायल और अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि विदेशी तत्वों ने हथियारों के जरिए लोगों की हत्या की और सरकारी व निजी इमारतों को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि यह अशांति बाहरी ताकतों की साजिश है, जिसका उद्देश्य ईरान को अस्थिर करना है।
