February 11, 2026
वर्ल्ड

New York के नए मेयर की नागरिकता ही विवाद में

जोहरान ममदानी बने न्यूयॉर्क के मेयर, ट्रंप की धमकी भी काम नहीं आई
खुद को भारतीय मूल का बताने वाले जोहरान ममदानी अमेरिकी राष्ट्रपति के सीधे विरोध के बावजूद न्यूयॉर्क शहर के पहले भारतीय मूल के मुस्लिम मेयर बन गए हैं, हालांकि भारत सरकार के रिकॉर्ड में वे भारतीय नागरिक नहीं हैं. उनकी नागरिकता पर विवाद रहा है और रिपब्लिकन उन्हें आतंक का समर्थक बताते रहे हैं. जोहरान, महमूद ममदानी और भारतीय फिल्मकार मीरा नायर के बेटे हैं और कई मौकों पर उन्हें भारत विरोधी एजेंडा चलाने के लिए भ्रामक और झूठे दावे भी किए हैं। 3

4 वर्षीय जोहरान ममदानी का न्यूयॉर्क सिटी मेयर बनना ट्रंप के लिए भी झटका है क्योंकि वे खुलकर ममदानी का विरोध में थे और यह भी कह चुके थे कि यदि ममदान जीते तो न्यूयॉर्क को मिलने वाली फंडिंग न्यूनतम कर दी जाएगी. ममदानी ने पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो और रिपब्लिकन कर्टिस स्लिवा को हराया। खुद को डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट कहने वाले जोहरान पहले न्यूयॉर्क स्टेट असेंबली के सदस्य रह चुके हैं। भारत में मोदी को लेकर भी जोहरान लगातार जहर उगलते रहे हैं और खुद को ‘बमुश्किल बचे हुए गुजराती मुस्लिम में से एक’ बताते हैं। जोहरान ममदानी पर यह भी आरोप लगे हैं कि उन्होंने कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों और विवादास्पद समूहों से हमेशा सहानुभूति दिखाई है। इस बार चुनावी प्रचार में उन्होंने इन आरोपों को खारिज जरुर किया लेकिन उनके पुराने ट्वीट्स और भाषणों से यह बात साफ झलकती है. जोहरान की नागरिकता पर भी सवाल हैं जो कानूनी और नैतिक रूप से संदिग्ध है। जोहरान ममदानी की जीत इसलिए भी मानी जा रही है क्योंकि ट्रंप ही नहीं एलन मस्क भी उनके खिलाफ उतरे उम्मीदवार को समर्थन दे चुके थे. अब जोहरान को लेकर ट्रंप क्या करते है यह देखना रोचक होगा क्योंकि अवैध प्रवासियों को लेकर ट्रंप की नीति साफ है और ट्रंप जोहरान को अवैध आप्रवासी बता चुके हैं. ममदान की जीत के बाद से सोशल मीडिया पर ट्विन टॉवर वाली आतंकी घटना को याद करते हुए कहा जा रहा है कि जो न्यूयॉर्क वासी कह रहे थे कि वे इस घटना को कभी नहीं भूलेंगे वे दो दशक में ही न सिर्फ घटना को भूल गए बल्कि आतंक के समर्थक को शहर का चीफ भी बना दिया.