February 11, 2026
देश दुनिया

Ayodhya इसी दिन पिछले साल सारी राहें, निगाहें टिकी थीं

ईस्वी कैलेंडर के मुताबिक आज पूरा हुआ राममंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह का

22 जनवरी को अयोध्या में बने राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का एक कैलेंडर साल पूरा हो गया. हालांकि ट्रस्ट ने इसे तिथि से मनाना तय किया था इसलिए एक साल वाला आयोजन कुछ दिन पूर्व ही 11 जनवरी को कर लिया गया लेकिन कैलेंडर के हिसाब से पिछले साल की 22 जनवरी ही वह दिन था जब देश ही नहीं पूरी दुनिया की निगाहें अयोध्या की ओर टिकी थीं, सारा माहौल राममय हो गया था और अयोध्या रामजन्मभूमि पर रामलला की प्रतिष्ठापूर्ण स्थापना हुई थी.

एक मोटे अनुमान के मुताबिक यहां पिछले साल आने वालों की संख्या लगभग 15 करोड़ रही है और इस हिसाब से बनारस पहुंचने वालों की संख्या ही नहीं इसने ताजमहल देखने पहुंचने वालों की संख्या को भी पीछे छोड़ दिया है जबकि ताजमहल को अजूबों में गिना जाता रहा है. अयोध्या पहुंचने वालों की संख्या ने 31 दिसंबर और एक जनवरी 2025 को भी रिकॉर्डतोड़ आंकड़े दर्ज कराए हैं. यह सब तब है जबकि 70 एकड़ के इसके कैंपस में निर्माण कार्य अभी चल ही रहा है. 212 तराशे गए खंभों और शिखर तक 161 फीट की ऊंचाई वाले इस मंदिर ने दुनिया भर से भी हजारों पर्यटकों और श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचा है. 22 जनवरी 2024 को ही इस कैंपस में पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन करते हुए खुद को कृतार्थ महसूस किया था और यदि पंचांग के हिसाब से मंदिर का सालाना जलसा 11 जनवरी को मना भी लिया गया हो तो भी 22 जनवरी को ईस्वी कैलेंडर के अनुसार यह दिन रामलला विराजमान के दर्शन के लिए खास तो रहेगा ही.